ISIS की न्यूज एजेंसी अमाक ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें आठ साल का लड़का एक ईसाई बंधक को गोली मारता नजर आ रहा है। साथ ही ईसाइयों को धमकी भी दे रहा है। एक अन्य घटना में आतंकियों ने पादरी का सिर कलम कर दिया।
हिन्दू घृणा से सने शाहीन बाग़ इलाक़े में CAA और NRC के ख़िलाफ़ ‘जिन्ना वाली आज़ादी’ जैसे नारे लगाए गए थे। इस दौरान ऐसे पोस्टर भी देखे गए जिनमें हिन्दू धर्म की तुलना नाज़ीवाद से और स्वास्तिक का दुरुपयोग करते हुए विखंडित दिखाया गया।
जिहाद के जरिए ये आतंकी मारत में इस्लामी राज लाना चाहते थे। इसके लिए मजहबी कक्षाएँ संचालित की गईं। गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक आतंकी मॉड्यूल 'अंसारुल्लाह' बनाया गया।
स्कूल की पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाले उस्मान ने कुछ समय पाकिस्तान में भी बिताया था। उसने शुक्रवार को हमला कर दो लोगों की हत्या कर दी थी। बाद में स्कॉटलैंड यार्ड ने उसे मौके पर ही मार गिराया था।
जिहादी बेक्सन की माँ ग्रेसी का कहना है कि उन्हें बेटे बेक्सन और बहू निमिषा के इस्लामी बने रहने से कोई दिक्कत नहीं है, बशर्ते वे शांतिपूर्वक उनके सामने रहें।
ईरानी विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि इस्लामिक स्टेट का अफ़ग़ानिस्तान जैसे संवेदनशील इलाके में पहुँच जाना भारत, पाकिस्तान, रूस और यहाँ तक कि चीन के लिए भी खतरे की घंटी है।
"पूछताछ के दौरान बगदादी की बहन IS के कामकाज और उसकी खुफिया जानकारियों का खुलासा करेगी क्योंकि शक है कि रशमिया खुद भी एक आतंकी है और उसे बगदादी के साथ-साथ उसके पूरे नेटवर्क की जानकारी है। आतंकवाद के खिलाफ यह एक बड़ी सफलता है।"
".....बगदादी अपने अंतिम समय में डरपोकों की तरह इधर-उधर भाग रहा था। वो इतना बदहवास हो चुका था कि उसने अंत में एक सुरंग में जाकर अपने तीन बच्चों समेत खुद को विस्फोटक जैकेट से उडा लिया।"
"बगदादी मरा क्योंकि पूरे विश्व के मुस्लिमों ने उसे खारिज कर दिया था और उसकी जहरीली मानसिकता के ख़िलाफ़ लड़ाई की थी। उसने अपनी राजनीति साधने के लिए इस्लाम पर कब्जा कर लिया था, वो 21वीं सदी में इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन था।"
IS की कैद में रहने के दौरान मुलर ने अपने परिजनों ने एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने लिखा था, "मैं नहीं चाहती कि मुझे छुड़ाने के लिए आप लोग कोई समझौता करें।" म्यूलर ने लिखा था, "मैं जानती हूँ कि आप चाहेंगे की मैं स्ट्रॉन्ग बनू। मैं एकदम वही कर रही हूँ।"