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छत्तीसगढ़ में BJP नेता की दिनदहाड़े हत्या: नक्सलियों ने दौड़ा-दौड़ा कर खंजर-कुल्हाड़ी से किए वार, पहले धमकी दी थी- कोई बस्तर वोट माँगने मत आना

कुछ लोगों को मंच के पास आता देख दुबे ने खतरे को भांप लिया था। उस समय वह मंच से कूदकर भागने लगे। लेकिन नक्सली बंदूक, खंजर और कुल्हाड़ी लिए उनके पीछे थे। कुछ देर उन्हें दौड़ाने के बाद उन्हें गोली मारी गई और फिर उनपर कुल्हाड़ी से हमला किया गया।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों से पहले बस्तर में भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या कर दी गई। दुबे बस्तर में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और नारायणपुर जिला पंचायत सदस्य थे। कथिततौर पर चुनाव प्रचार के लिए आयोजित रैली के बाद ही रतन दुबे पर नक्सलियों ने दिनदहाड़े धारदार हथियार से हमला बोला।

बता दें कि दुबे की हत्या से पहले नक्सलियों ने 10 दिन पहले धमकी दी थी कि कोई राजनैतिक पार्टी का कार्यकर्ता या प्रत्याशी बस्तर में वोट माँगने न आए। लेकिन 7 और 17 को मतदान के मद्देनजर रतन दुबे वोटों के लिए गए और नक्सलियों ने उन्हें वहीं जान से मार दिया।

पुलिस का कहना है कि उन्होंने इस केस को दर्ज कर लिया है और आगे जाँच की जा रही है। दुबे नारायणपुर जिला के पंचायत सदस्य थे और कौशलनगर के ढौदई क्षेत्र में रैली करने आए थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रचार खत्म होने के बाद मंच के पास मुर्गों की लड़ाई का आयोजन किया गया, जिसके कारण वहाँ भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान ग्रामीणों के वेश में आए पुरुषों का एक समूह चुपचाप भीड़ से अलग हो गया और मंच के पास आने लगा।

दुबे ने उन्हें तुरंत देख खतरे को भांप लिया। वह मंच से कूदकर भागने लगे। हंगामे के कारण ग्रामीणों की नजर भी वहाँ पड़ी और सबने देखा कि बंदूक, खंजर और कुल्हाड़ी लिए लोगों का एक समूह दुबे का पीछा कर रहा थे।

कुछ दूर पीछा करने के बाद एक नक्सली ने दुबे पर पीछे से गोली मारी। जैसे ही वो नीचे गिरे वैसे ही उनके ऊपर पीछे खंजर और कुल्हाड़ी लेकर हमला बोल दिया गया। ये घटना जरघाटी थाने से 5 किलोमीटर दूर शाम करीब 5:30 हुई। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है

भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम प्रकाश माथुर ने कहा, “रतन दुबे को नक्सलियों में टुकड़ों में काट दिया। मैं अपील करता हूँ पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से उनकी मौत का बदला चुनाव जीत कर लिया जाए। टारगेट किलिंग लगातार हो रही है। ये दिखाता है कि छत्तीसगढ़ में हालात बद्तर हैं। नक्सली डरे हैं क्योंकि जानते हैं कि भाजपा सत्ता में आई तो वो नहीं रह पाएँगे।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 जनवरी को भाजपा कार्यकर्ता बुधराम करतम की हत्या की गई थी। इसके बाद भाजपा नेता नीलकंथ कक्कम को मारा दया था। 10-11 फरवरी में नारायणपुर के ही उपाध्यक्ष साग साहु और दंतेवाड़ा में रामधर अलामी की हत्या हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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