15 कुल लेख

Dhruv Mishra

Dhruv Mishra is a researcher and writer specializing in Indian politics and policy analysis. With a background in data-driven storytelling, he explores elections, governance, and India’s role in global affairs.

प्रोपेगेंडा के खेल में The News Minutes ने छिपाए फैक्ट्स, एजेंडा था- ONGC के CSR फंड से ₹670 करोड़ का दान ‘RSS से जुड़े...

'द न्यूज मिनट' की रिपोर्ट में दिए गए तथ्य ओएनजीसी की अपनी वार्षिक रिपोर्ट से लिए गए हैं, लेकिन इसे इस तरह से पेश किया गया है कि यह अधूरा और भ्रामक है।

क्या एक एथेनॉल फैक्ट्री ने ही बर्बाद कर दी बर्नीहाट की हवा? असम-मेघालय सीमा पर बसे ‘दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर’ और उमियाम डिस्टिलेशन...

मेघालय का बर्नीहाट प्रदूषण पर डॉक्यूमेंट्री के बाद बहस तेज हुई लेकिन इसकी टाइमलाइन और सरकारी रिपोर्ट अलग हकीकत दिखाती हैं।

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।

खपत का 66% खाद्य तेल आयात करता है भारत, तिजोरी पर ₹1.61 लाख करोड़ का बोझ: समझें कैसे ये सेहत के साथ देश की...

भारत में बढ़ती खाद्य तेल खपत देश की अर्थव्यवस्था, आयात निर्भरता और लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा संकट बनती जा रही है।

‘SIR की वजह से जीती BJP’: The Wire, आँकड़े और तर्क कहते हैं कुछ और, समझें कैसे ये दावा असलियत से है कोसों दूर

द वायर ने SIR को बीजेपी की जीत से जोड़ा, लेकिन पूरा तर्क सिर्फ आंकड़ों और कल्पनाओं पर आधारित नजर आता है, न की किसी तथ्य पर।

फर्जी खबरें फैलाने से लेकर काटे-छाँटे गए वीडियो और फर्जी नैरेटिव तक: पढ़ें- भारत में बैन किए गए प्रोपेगेंडा अकाउंट्स की पड़ताल

4PM, मॉलिटिक्स और नेशनल दस्तक पर लगी पाबंदी के पीछे क्या कारण हैं? जानिए भ्रामक कंटेंट, अभिव्यक्ति की आजादी और सरकार की कार्रवाई का पूरा सच।

नितिन गडकरी मानहानि मामले में इन्फ्लुएंसर को मिला नोटिस, लेकिन ‘द कारवाँ’ को नहीं: जानिए कैसे सावधानी से की गई व्याख्या और दावे के...

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मुकेश मोहन पर 50 करोड़ रुपए का मानहानि का दावा ठोका है। उन्होने कारवां पत्रिका की रिपोर्ट के आधार पर आरोप लगाया।

भारत की मान्यता से दशकों पहले ही वीर सावरकर ने किया था यहूदियों के ‘अपने राष्ट्र’ के सपने का समर्थन: पुण्यतिथि पर जानें- कैसे...

वीर सावरकर ने लिखा, "अगर यहूदियों का सपना कभी सच हो जाए… अगर फिलिस्तीन यहूदी राज्य बन जाए तो हमें उतनी ही खुशी होगी जितनी हमारे यहूदी दोस्तों को।"