Homeदेश-समाज'ये देश रामायण से नहीं चलता, लोग पत्थर को पूजते हैं': यूपी के कॉलेज...

‘ये देश रामायण से नहीं चलता, लोग पत्थर को पूजते हैं’: यूपी के कॉलेज में छात्र ने आंबेडकर को बताया ‘सबसे बड़ा भगवान’, कहा – न राम ने कुछ दिया, न कृष्ण ने

रामसेवक के भाषण का 59 सेकेण्ड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में उन्होंने कहा, "ये देश किसी रामायण किसी गीता से नहीं चलता, ये देश मेरे बाबा साहेब के बनाए हुए संविधान से चलता है।

उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक छात्र को एक समूह के सामने हिन्दू देवी-देवताओं के साथ-साथ धर्मग्रंथों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी करता सुनाई दे रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद छात्र पर कार्रवाई की माँग उठ रही है। हालाँकि, पुलिस के मुताबिक, आरोपित छात्र ने लिखित माफ़ीनामा देकर अपने शब्दों पर खेद जताया है। वायरल वीडियो बुधवार (6 दिसंबर, 2023) को बनाया गया था।

मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला बदायूं जिले के थाना क्षेत्र सहसवान का है। यहाँ कछला रोड स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में 6 दिसंबर को डॉ भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में कई छात्र और कॉलेज के प्रोफेसर आदि मौजूद थे। इस मौके पर अलग-अलग छात्रों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। थोड़े समय बाद राम सेवक यादव नाम के छात्र की बारी आई। राम सेवक यादव ने अपना भाषण शेरो-शायरी के अंदाज में शुरू किया और भगवान राम के खिलाफ ही बयानबाजी शुरू कर दी।

रामसेवक के भाषण का 59 सेकेण्ड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में उन्होंने कहा, “ये देश किसी रामायण किसी गीता से नहीं चलता, ये देश मेरे बाबा साहेब के बनाए हुए संविधान से चलता है। जय भीम से बड़ा कोई सम्मान नहीं है, जो भीम का नहीं है वो इंसान नहीं है। यूँ तो पूजते हैं लोग पत्थरों को, मगर मेरे बाबा साहेब से बड़ा कोई भगवान नहीं है। न राम ने कुछ किया है न श्री कृष्ण ने कुछ किया है, हमको जो कुछ भी दिया है बाबा साहेब आपके संविधान ने दिया है।”

राम सेवक यादव द्वारा बोली गई इन लाइनों के बाद हॉल की दर्शक दीर्घा में मौजूद बाकी छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। मंच पर मौजूद कुछ लोग भी उठ कर वहाँ से जाने लगे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे व्यक्ति ने बाकी छात्रों से शांत रहने की अपील की। कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग पुलिस से राम सेवक पर कार्रवाई की माँग करने लगे। हालाँकि, पुलिस ने 9 दिसंबर को दिए गए अपने जवाब में बताया कि आरोपित छात्र ने माफ़ी लिखित तौर पर माँग ली है और कॉलेज के बाकी छात्रों ने उसे माफ़ भी कर दिया है।

पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष द्वारा मामले में शिकायत कॉपी थाने में नहीं प्रस्तुत की गई है। वहीं विवाद बढ़ता देख कर आरोपित छात्र राम सेवक यादव ने एक वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने अपने शब्दों पर दुःख प्रकट करते हुए लोगों से क्षमा याचना की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

AC ब्लास्ट के बढ़ते मामलों के पीछे चीन का हाथ? जानिए कैसे घटिया गैस से बढ़ रहा घरों में विस्फोट का खतरा, भारत सरकार...

आए दिन एसी ब्लास्ट की खबरें सामने आती हैं। इनकी पीछे कहीं चीन का हाथ तो नहीं है? क्योंकि इन एसी में चाइनीज R-152a गैस भरी जा रही है, जो ओवरहीटिंग के कारण जल्दी आग पकड़ लेती है।

चीन ने मार दिए 10000+ लोग, भारत के वामपंथी करते रहे बचाव: पढ़ें- 37 साल पहले तियानमेन स्क्वायर के प्रदर्शन, सरकार की कार्रवाई और...

तियानमेन स्क्वायर प्रदर्शन में लोग भ्रष्टाचार रोकने, प्रेस की स्वतंत्रता, राजनीतिक सुधार और सरकार में पारदर्शिता की माँग कर रहे थे।
- विज्ञापन -