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2’3″ का बौना जमशेद चुरा चुका है 60 कारें, हुआ गिरफ्तार: ‘बौना गैंग’ के अली, ताज और याक़ूब भी अंदर

"बौना कारों की आड़ में छिपकर शीशा तोड़ कर अंदर घुसता था और कार के इग्नीशन का लॉक तोड़ देता था। इसके बाद वो कार को मास्टर चाबी से या तो कार के तारों को जोड़कर कार स्टार्ट करके वहाँ से भाग जाता था।"

उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद ज़िले में लोनी पुलिस ने ऑन डिमांड वाहन चुराने वाले गिरोह के चार बदमाशों को मंगलवार (22 अक्टूबर) को धर-दबोचा। इस दौरान उनके द्वारा चोरी की गई 9 कारें भी बरामद कर ली गईं। गिरफ़्तार किए गए चार बदमाशों में से एक बदमाश जमशेद उर्फ़ बौना है, जिसकी लंबाई सवा दो फीट है।

ख़बर के अनुसार, डीएसपी राजकुमार ने बताया कि जमशेद (बौना) क़रीब दो साल पहले इस गिरोह में जुड़ा था। लेकिन, वो जिस तरह से कार के शीशे तोड़कर कार चोरी करता था, उससे बौने को गिरोह का मास्टरमाइंड कहा जाने लगा। जमशेद के चोरी करने के इस खुराफ़ात तरीक़े की वजह से गिरोह का नाम ‘बौना गैंग’ रख दिया गया था। फ़िलहाल, पुलिस बाक़ी बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान रौनक अली उर्फ़ बब्बू, जमशेद उर्फ़ बौना, ताज मोहम्मद उर्फ़ चांद और याक़ूब के रूप में हुई है। 

बता दें कि रौनक अली उर्फ़ बब्बू और जमशेद उर्फ़ बौना के बीच मामा-भाँजे का रिश्ता है और दोनों संभल के निवासी हैं। वहीं, ताज मोहम्मद मीरपुर हिन्दू गाँव और याक़ूब दिल्ली की सुंदर नगर कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस की पूछताछ पर रौनक ने बताया कि उसका भाँजा (बौना) चोरी करने में उस्ताद है। चोरी के इस धंधे में वो दो साल पहले ही आया था, लेकिन गिरोह का प्रमुख सोनू है। रौनक ने बताया कि चोरी के सारे ऑर्डर सोनी ही लेता था और वही बताता था कि कौन-सी कार कब और कहाँ से चोरी करनी है।

इसके आगे रौनक ने बताया कि जब यह पता चल जाता था कि कब और कहाँ से कार चोरी करनी है, तो बौना कारों की आड़ में छिपकर शीशा तोड़ कर अंदर घुसता था और कार के इग्नीशन का लॉक तोड़ देता था। इसके बाद वो कार को मास्टर चाबी से या तो कार के तारों को जोड़कर कार स्टार्ट करके वहाँ से भाग जाता था। रौनक ने बताया कि उसके बौने भाँजे ने अब तक क़रीब 60 कारें चोरी की हैं।

पुलिस ने बताया कि गिरोह के बदमाश कार चोरी करके उससे अपने दोस्त चाँद के यहाँ जाते थे, वहाँ फ़र्ज़ी नंबर प्लेट लगाकर उसे निठोरा रोड पर खाली पड़े प्लॉटों में पार्क कर देते थे। इसके बाद सोनू उसे यहीं से कार ग्राहक को बेच देता था। जो कारें नहीं बिक पाती थीं, उनके पार्टस निकालकर याक़ूब दिल्ली में बेच देता था। पुलिस को यह भी पता चला है कि याक़ूब का सुंदर नंगरी में कबाड़ी का काम है।

जानकारी के अनुसार, कार चोरी के कई मामलों में पुलिस को बौने जमशेद की सीसीटीवी फुटेज मिली थी, लेकिन कम लंबाई के चलते पुलिस को लगता था कि वो बच्चा है और उसे नज़रअंदाज़ कर दिया जाता था। बौना क़द होने की वजह से किसी और को भी उस पर शक़ नहीं होता था, जिसका फ़ायदा वो अब तक उठाता आ रहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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