HomeराजनीतिED के 7वीं बार बुलाने पर भी नहीं पेश हुए अरविंद केजरीवाल, AAP ने...

ED के 7वीं बार बुलाने पर भी नहीं पेश हुए अरविंद केजरीवाल, AAP ने जाँच एजेंसी से कहा- रोजाना हमें समन न भेजें

ये सातवीं बार है जब उन्होंने ईडी की पूछताछ में सहयोग देने के साफ मना किया है। खुद आम आदमी पार्टी ने इस बात की जानकारी दी है। उनका कहना है कि ईडी को कोर्ट का ऑर्डर आने तक इंतजार करना चाहिए।

दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल आज (26 फरवरी 2024) भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं होंगे। ये सातवीं बार है जो उन्होंने ईडी की पूछताछ में सहयोग देने के साफ मना किया है। खुद आम आदमी पार्टी ने इस बात की जानकारी दी है। उनका कहना है कि मोदी सरकार द्वारा इस मामले में दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन ईडी को कोर्ट का ऑर्डर आने तक इंतजार करना चाहिए।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार आम आदमी पार्टी ने बताया, “दिल्ली के सीएम और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज ईडी के पास नहीं जाएँगे। मामला कोर्ट में है और अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। ईडी को रोजाना समन भेजने की बजाय कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। हम INDI गठबंधन नहीं छोड़ेंगे। मोदी सरकार को इस तरह दबाव नहीं बनाना चाहिए।”

बता दें कि ईडी ने 22 फरवरी को अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाला मामले में सातवाँ समन भेजा था। इसमें उन्हें 26 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया था। लेकिन अरविंद केजरीवाल नहीं गए और कोर्ट के ऑर्डर आने तक इंतजार करने को कहा।

वैसे मालूम हो कि दिल्ली सीएम इससे पहले भी 6 बार अलग-अलग कारण देकर ईडी की पूछताछ से बचते रहे। ED ने 14 फरवरी को समन जारी करके केजरीवाल से 19 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था। लेकिन उस दिन केजरीवाल विधानसभा में विश्वास मत ले आए।

इसी तरह ईडी ने नवम्बर 2023 में जब केजरीवाल को समन भेजा गया था तो उन्होंने कहा था कि वह मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं। हालाँकि, उनकी पार्टी मध्य प्रदेश में 90% सीट पर अपनी जमानत नहीं बचा पाई थी। इसके बाद दिसम्बर में जब उन्हें जाँच एजेंसी ने बुलाया तो उन्होंने कहा कि वे विपश्यना के लिए पंजाब जा रहे हैं। इसलिए वे नहीं आ सकते।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -