Saturday, July 20, 2024
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कब पेश होंगे केजरीवाल… ED ने सातवीं बार भेजा समन: AAP नेता बोले- 16 मार्च तक का समय चाहिए

CM केजरीवाल से पूछताछ के लिए ED इससे पहले 6 बार समन भेज चुकी है। केजरीवाल ED के सामने पेश होने से बचते आए हैं। इससे पहले ED ने 14 फरवरी को समन जारी करके केजरीवाल को 19 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) मुखिया अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाला मामले में सातवाँ समन भेजा है। ED ने उनसे 26 फरवरी, 2024 को पेश होने को कहा है। CM केजरीवाल से पूछताछ के लिए ED पूर्व में 6 बार समन भेज चुकी है। लेकिन, केजरीवाल ED के सामने पेश होने से बचते आए हैं।

इससे पहले ED ने 14 फरवरी को समन जारी करके केजरीवाल से 19 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था। हालाँकि, केजरीवाल ने ईडी के सामने पेश होने के बजाय दिल्ली विधानसभा में खुद ही विश्वास मत लाकर बहुमत सिद्ध कर दिया था और ED की पूछताछ में नहीं गए थे। उससे पहले भी जाँच एजेंसी कई बार AAP प्रमुख को पेश होने के लिए समन भेज चुकी थी लेकिन वह हर बार इससे बचते रहे। उनके पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने तो इस समन को राजनीतिक समन बता दिया है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “इससे पहले भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन को लेकर अदालत का रुख किया था और कहा कि अब अदालत इस पर गौर करेगी। हम अदालत का सम्मान करते हैं। अरविंद केजरीवाल ने बता दिया है कि बजट सत्र चल रहा है और उन्हें 16 मार्च तक का समय चाहिए। अदालत ने भी इसकी अनुमति दे दी। अब फिर से ईडी ने समन जारी किया। अगर एजेंसी को अपनी शर्तों का पालन करना था तो पहले अदालत में क्यों गए? हम अदालत में नहीं गए, लेकिन ईडी गई।”

अब देखना होगा कि दिल्ली सीएम सातवें समन के बाद जाँच एजेंसी के आगे पेश होते हैं या फिर कोई अन्य कारण देकर पेश होने से मना कर देते हैं। पिछली बार जब अरविंद केजरीवाल पेश नहीं हुए तो ईडी ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 17 फरवरी 2024 को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था।

उससे पहले ED ने 3 फरवरी, 2024 को कोर्ट का रास्ता अरविंद केजरीवाल के कई बार पेश ना होने से आजिज आकर अपनाया था। केंद्रीय एजेंसी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आम जनता के समक्ष गलत उदहारण पेश करने का आरोप लगाया था।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल अलग-अलग समय पर अलग-अलग बहाना ED से बचने के लिए अपनाते आए हैं। ईडी ने नवम्बर 2023 में जब केजरीवाल को समन भेजा गया था तो उन्होंने कहा था कि वह मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं। हालाँकि, उनकी पार्टी मध्य प्रदेश में 90% सीट पर अपनी जमानत नहीं बचा पाई थी। इसके बाद दिसम्बर में जब उन्हें जाँच एजेंसी ने बुलाया तो उन्होंने कहा कि वे विपश्यना के लिए पंजाब जा रहे हैं। इसलिए वे नहीं आ सकते।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ईडी द्वारा भेजे गए समन को राजनीतिक साजिश बताते आए हैं। वह यह भी सवाल करते रहे हैं कि एक मुख्यमंत्री को ईडी किस हैसियत से पूछताछ के लिए बुला रही है। अरविंद केजरीवाल कहते रहे हैं कि उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश की जा रही है, ताकि वे लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी AAP के लिए चुनाव प्रचार ना कर सकें।

गौरतलब है कि केजरीवाल से पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी ED से बचते आए थे। ED उन्हें 10 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। वह भी इन समन के पीछे राजनीतिक साजिश बता रहे थे। हालाँकि, 31 जनवरी को जब उनसे ED ने पूछताछ की तो उन्होंने इसके बाद इस्तीफ़ा दे दिया। ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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