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जहाँ पली-बढ़ीं माधवी लता, जहाँ कभी थे हिंदुओं के 100 घर, आज बचे हैं केवल 5: दंगों को याद कर बोलीं- रात भर लगता था डर

"1980-1990 के दौरान जो कम्युनल राइट हुए थे, उस समय रात भर हमको डर लगता था। मैं बहुत छोटी थी। घर के पुरुष जो भी बड़े हैं, एक डंडा लेकर उनको पहरा देना पड़ता था और घर की औरतों को मिर्ची हाथ में लेकर पोटली बना कर तैयार रखना पड़ता था। पता नहीं आधी रात को कौन एक अलग जगह से आ जाए।"

हैदराबाद से बीजेपी की उम्मीदवार माधवी लता का एक इंटरव्यू इस समय चर्चा में है। यह इंटरव्यू उन्होंने रजत शर्मा की ‘आप की अदालत’ को दिया है। इस दौरान अपने बचपन की तस्वीरों को देख माधवी लता भावुक हो गईं। साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे उनके इलाके में कभी हिंदुओं के करीब 100 घर थे। आज केवल 5 बचे हैं। उन्होंने 80-90 के दशक के दंगों को याद करते हुए बताया कि उस समय वे लोग रात भर डरे रहते थे।

जब रजत शर्मा ने शो के दौरान माधवी लता को उनकी बचपन की कुछ तस्वीरें दिखाई तो वे आश्चर्यचकित और भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि ये तस्वीरें उनके पास भी नहीं हैं। साथ ही रजत शर्मा से इन तस्वीरों की कॉपी देने का आग्रह करते हुए बताया कि वे ओल्ड हैदराबाद के यकतपुरा विधानसभा क्षेत्र के संतोष नगर में आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लोगों को मिलने वाले एक मकान में पली-बढ़ी हैं।

उन्होंने बताया कि 1988 के सितंबर में हैदराबाद में करीब तीस साल बाद बाढ़ आया था। बारिश का पानी कमर तक उनके घर में घुस गया था। तब वे पोस्ट ग्रेजुएशन में पढ़ती थीं और उनकी 15 से 20 अलबम पानी में बह गई थी। माधवी लता ने कहा, “अच्छा लग रहा है खुद को देखकर, क्योंकि मैं भूल गई थी की वो माधवी कैसी दिखती थी।”

आगे उन्होंने बताया कि आज भी वो इलाका वैसा ही है। कुछ नहीं बदला है। अभी भी बारिश होने पर पर वही हालत हो जाते हैं। आज भी वहाँ स्कूल-कॉलेज नहीं हैं। आज भी बच्चे मोहल्ले में चलने से डरते हैं। जब रजत शर्मा ने उनसे पुरानी यादों और उस समय हैदराबाद के माहौल को लेकर पूछा तो माधवी लता ने कहा, “उस समय जब भी कोई त्योहार होता था, चाहे मुसलमान का हो या हिंदू का हो सभी लोग बड़े मजे में अपना त्योहार मनाते थे। पता नहीं मैं बहुत छोटी थी तो रोड बड़ा दिखता था या सही में रोड बड़ा था। आज इतने सालों के बाद जब उसी रोड पर मैं निकल पड़ी तो रोड के ऊपर घर आ गए हैं। जिस मोहल्ले में 100 हिन्दू थे, आज सिर्फ 5 हिंदू के घर हैं।” आप ये बातचीत 10 से 15 मिनट के बीच सुन सकते हैं।

दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “1980-1990 के दौरान जो कम्युनल राइट हुए थे, उस समय रात भर हमको डर लगता था। मैं बहुत छोटी थी। घर के पुरुष जो भी बड़े हैं, एक डंडा लेकर उनको पहरा देना पड़ता था और घर की औरतों को मिर्ची हाथ में लेकर पोटली बना कर तैयार रखना पड़ता था। पता नहीं आधी रात को कौन एक अलग जगह से आ जाए। 10-15 लोग आएँ और सिर फोड़ देंगे। कोई भी आवाज से एकदम चौंक कर उठ जाती थी। इतने सालों के बाद भी सच्चाई तो ये है कि तब कम्युनल राइट होते थे और अब पॉलिटिकल राइट होते हैं।”

लोकसभा चुनाव में माधवी लता का मुकाबला ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी से है। उन्होंने बोगस वोटों को ओवैसी की जीत का आधार बताते हुए कहा है कि इस बार वे डेढ़ लाख वोटों से हारेंगे। इस इंटरव्यू के दौरान माधवी लता (Madhvi Latha in Aap Ki Adalat) ने अपनी जीवन यात्रा, ओवैसी से मुकाबले, हैदराबाद के मुस्लिम इलाकों में सामाजिक कार्यों, गरीब मुस्लिमों की स्थिति से जुड़े सवालों का बेबाक तरीके से जवाब दिया है। उन्होंने हैदराबाद की लड़कियों की खरीद-फरोख्त को लेकर भी चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

उनकी बेबाकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी प्रभावित किया है। पीएम मोदी ने उनकी सराहना करते हुए एक्स/ट्विटर पर लिखा है, “माधवी लता जी, आपका ‘आप की अदालत’ एपिसोड असाधारण है। आपने बेहद तार्किक तरीके से काफी ठोस मुद्दे उठाए हैं। मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं। मैं सभी से आज (7 अप्रैल 2024) सुबह 10 बजे या रात 10 बजे इस कार्यक्रम का दोबारा प्रसारण देखने का भी आग्रह करता हूँ। आप सभी को इससे काफी उपयोगी जानकारी मिलेगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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