मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
मुर्शिदाबाद हिंसा में हिंदुओं के घरों के बाहर काली स्याही से निशान बनाए गए थे। मुस्लिम भीड़ जब हिंसा करने पहुँची तो काली स्याही वाले घरों पर ही धावा बोला, आग लगाई और बम फेंका
यह घर फहीम खान की पत्नी ज़हरुन्निशा के नाम पर बना है और लगभग 950 स्क्वायर फीट में फैला हुआ है। इस घर में दो मंजिले हैं। इसका नक्शा नहीं पास करवाया गया था।