Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयजिन 'बंगबंधु' के कारण बना बांग्लादेश, उनकी ही बुतों को तोड़ रहे इस्लामी कट्टरपंथी:...

जिन ‘बंगबंधु’ के कारण बना बांग्लादेश, उनकी ही बुतों को तोड़ रहे इस्लामी कट्टरपंथी: शेख हसीना ने छोड़ा देश, प्रधानमंत्री आवास में घुसे उपद्रवी

शेख हसीना के आवास छोड़ने के साथ ही बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने 4 बजे देश के नाम संबोधन जारी करने की बात कही है। बांग्लादेश में जुलाई माह से ही प्रदर्शन चल रहे थे। सबसे पहले यह प्रदर्शन आरक्षण के नाम पर चालू हुए थे। यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण खत्म किए जाने के बाद रुक गए थे।

भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में तख्तापलट की आशंका जताई जा रही है। बांग्लादेश में जुलाई-अगस्त माह में हुई देशव्यापी हिंसा के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफ़ा देने की सूचना आ रही है। बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथी प्रधानमंत्री आवास में घुस गए हैं।

प्रधानमंत्री शेख हसीना प्रधानमंत्री आवास ‘गोनोभबन’ छोड़ कर किसी सुरक्षित स्थान पर चली गई हैं। उनके देश छोड़ कर भारत आने की बात मीडिया रिपोर्ट्स में आई है। शेख हसीना के साथ उनकी बहन शेख रिहाना भी बांग्लादेश से बाहर निकल गई हैं। प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबियों ने बताया है कि उनके इस्तीफे का ऐलान उनके देश छोड़ने के कुछ देर बाद किया जाएगा।

शेख हसीना के आवास छोड़ने के साथ ही बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने 4 बजे देश के नाम संबोधन जारी करने की बात कही है। बांग्लादेश में जुलाई माह से ही प्रदर्शन चल रहे थे। सबसे पहले यह प्रदर्शन आरक्षण के नाम पर चालू हुए थे। यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण खत्म किए जाने के बाद रुक गए थे।

हालाँकि, अगस्त माह में फिर से यह प्रदर्शन भड़क गए। इस्लामी कट्टरपंथियों के प्रदर्शन में शेख हसीना के इस्तीफे की मांग भी की गई। कट्टरपंथियों ने कई पुलिसवालों की हत्या कर दी। उन्होंने हिन्दू पत्रकार को भी मार दिया। इसके अलावा कई हिन्दू परिवारों को भी मार दिया गया।

बांग्लादेश में हुई इस हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए हैं। यह भी बताया जा रहा है कि इस हिंसा के कारण बांग्लादेश प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है। सेना के बांग्लादेश की सुरक्षा व्यवस्था सँभालने की बात कही जा रही है। प्रधानमंत्री आवास में घुसने वाले इस्लामी कट्टरपंथियों ने लूटपाट भी की है।

बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु मुजीबुर रहमान की भी मूर्तियाँ बांग्लादेश में तोड़ी गई हैं। उनके ऊपर यह इस्लामी कट्टरपंथी चढ़े हुए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -