Homeविविध विषयअन्यक्या है 'डिजिटल कंडोम', फोन पर कैसे करेगा काम, प्राइवेसी के लिए क्यों जरूरी:...

क्या है ‘डिजिटल कंडोम’, फोन पर कैसे करेगा काम, प्राइवेसी के लिए क्यों जरूरी: जानें सब कुछ

डिजिटल कंडोम असल में एक एप है। इसे जर्मनी की एक कम्पनी ने बनाया है। इस कम्पनी का नाम बिली बॉय है। यह कम्पनी लोगों की यौन सुरक्षा पर कम करती है। इस एप का काम है कि यह आपके निजी क्षणों को रिकॉर्ड होने से रोकती है।

कुछ साल पहले तक सरकार कई अनोखे विज्ञापनों के माध्यम से कंडोम का प्रचार किया करती थी। इसका उद्देश्य था कि लोग सुरक्षित यौन संबंध बनाएँ और साथ ही बढ़ती जनसँख्या को भी रोका जा सके। इसके लिए विज्ञापन के साथ ही और भी प्रयोग किए गए। लेकिन अब वो दौर चला गया है, अब दुनिया में डिजिटल कंडोम नाम की चीज आई है। यह भी निजी पलों को सुरक्षित रखने का वादा कर रही है।

क्या है डिजिटल कंडोम?

डिजिटल कंडोम असल में एक एप है। इसे जर्मनी की एक कम्पनी ने बनाया है। इस कम्पनी का नाम बिली बॉय है। यह कम्पनी लोगों की यौन सुरक्षा पर कम करती है। इस एप का काम है कि यह आपके निजी क्षणों को रिकॉर्ड होने से रोकती है। यानि जैसे किसी की बिना सहमति के उससे संबंध नहीं बनाए जा सकते है, उसी तरह इस एप की मदद से निजी क्षणों को रिकॉर्ड होने से रोका जा सकता है।

इस कम्पनी का कहना है कि इससे बिना सहमति के निजी क्षणों का रिकॉर्ड होना और बाद में उनका दुरूपयोग रुक सकेगा। कम्पनी का कहना है कि अभी बिना सहमति के रिकॉर्ड किए गए फोटो वीडियो बाद में काफी समस्या पैदा करते हैं। ऐसे में यह एप इन सब को रोक सकेगा।

कैसे करता है काम?

CADOM नाम का वह लोग डाउनलोड करेंगे जो अपने निजी क्षणों को निजी ही रखना चाहते हैं। इसके बाद दोनों एक दूसरे के पास फोन रख कर इस फोन में बटन ऑन कर देंगे। इस तरह से कैमरा और माइक्रोफोन को बंद कर देगा और रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं हो सकेगी।

यदि दोनों में से कोई भी इस बीच फोटो लेने, वीडियो बनाने या फिर आवाज तक रिकॉर्ड करने की कोशिश करता है तो इस एप के माध्यम से अलार्म बज जाएगा। इससे निजता नहीं भंग होगी और पता चल जाएगा कि कोई इस चीज को तोड़ने की कोशिश कर रहा है।

CAMDOM नाम का यह एप ब्लूटूथ के सहारे काम करता है। इसे अभी 30 देशों में लॉन्च किया गया है। कम्पनी का कहना है कि वह इस एप के माध्यम से एक बड़ी समस्या सुलझा रही है। कम्पनी ने कहा है कि अभी जिन युवाओं के साथ उनके निजी फोटो या वीडियो लीक होने की समस्या होती है, वह डिप्रेशन और यहाँ तक कि आत्महत्या तक का शिकार हो सकते हैं।

कम्पनी का कहना है कि यह एप आज के समय में जरूरी हो चुकी डिजिटल निजता को बढ़ावा देने में सहायता करेगा। कम्पनी ने कहा है कि इससे वह निजता के नए मानक सेट कर रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -