Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयबुशरा बीवी के सामने पाकिस्तान सरकार बेबस, देखते ही गोली मारने के आदेश से...

बुशरा बीवी के सामने पाकिस्तान सरकार बेबस, देखते ही गोली मारने के आदेश से भी नहीं डरे इमरान खान के समर्थक: इस्लामाबाद फौज के हवाले, फिर भी D चौक में घुसे

इस्लामाबाद का डी-चौक देश की महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और संसद के पास स्थित है। इसे प्रदर्शनकारियों ने संघर्ष का मुख्य केंद्र बना दिया है।

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की माँग ने हालात बेकाबू कर दिए हैं। राजधानी इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें जारी हैं। इन घटनाओं में अब तक 6 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक घायल हुए हैं। हिंसा को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने सेना बुलाकर उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया है। वहीं, प्रदर्शनकारी डी-चौक तक पहुँच गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों की गाड़ियाँ तोड़ीं और बैरिकेड्स हटा दिए। इस बीच इमरान खान की वाइफ बुशरा बीबी पीटीआई समर्थकों का नेतृत्व करते हुए इस्लामाबाद के डी-चौक तक पहुँच चुकी हैं, तो इस्लामाबाद के अलावा पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में भी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। PTI ने 3,500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का आरोप लगाया है। इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का कहना है कि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सुरक्षाबलों ने गोलीबारी की, जिसमें दो कार्यकर्ताओं की मौत हो गई और कई घायल हुए।

बताया जा रहा है कि खैबर पख्तूनख्वा से प्रदर्शनकारी डी-चौक की ओर बढ़ रहे हैं जो राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और संसद जैसी प्रमुख इमारतों के पास है. प्रदर्शनकारियों ने शिपिंग कंटेनरों और बैरिकेड्स को भारी मशीनरी की मदद से हटा दिया।

बता दें कि 72 वर्षीय इमरान खान ने 24 नवंबर को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसमें उन्होंने जनादेश की चोरी, लोगों की अवैध गिरफ्तारी और 26वाँ संविधान संशोधन पारित होने की निंदा की थी। उन्होंने कहा कि इस संशोधन ने ‘तानाशाही शासन’ को मजबूत किया है। उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने जनता से ‘गुलामी की बेड़ियाँ तोड़ने’ के लिए मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है।

इस्लामाबाद में बवाल जारी (फोटो साभार: डॉन)

इस प्रदर्शन का नेतृत्व इमरान खान की वाइफ बुशरा बीबी और खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर कर रहे हैं। बुशरा बीबी ने वीडियो संदेश में समर्थकों से जुटने की अपील की।

डी-चौक क्यों है खास?

इस्लामाबाद का डी-चौक देश की महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और संसद के पास स्थित है। इसे प्रदर्शनकारियों ने संघर्ष का मुख्य केंद्र बना दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सुरक्षाबलों पर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -