Homeदेश-समाज6 गाँव में 0, 1 गाँव में केवल 1 हिंदू परिवार… पाकिस्तान की सीमा...

6 गाँव में 0, 1 गाँव में केवल 1 हिंदू परिवार… पाकिस्तान की सीमा से लगे इलाके हो रहे हिंदू विहीन, PM मोदी को सामाजिक संगठनों ने लिखा पत्र: रिपोर्ट में बताया- कई जमीनों पर मुस्लिमों का कब्जा

कच्छ के सुठारी गाँव में हिन्दुओं की आबादी कुछ वर्ष पहले तक 2500 हुआ करती थी, यह घट कर अब 1000 के आसपास आ चुकी है। गाँव से जहाँ हिन्दू बाहर गए हैं तो वहीं कुछ मुस्लिम बाहर से आकर बसने लगे हैं। लखपत और कनेर जैसे गाँवों से लोग सूरत और मुंबई काम करने जाने लगे हैं।

पाकिस्तान सीमा से लगे गुजरात के गाँवों में जनसांख्यिकी तेजी से बदल रही है। कच्छ के रण में बसे गाँव हिन्दुओं से खाली हो रहे हैं। इन गाँवों में मुस्लिम परिवार लगातार रह रहे हैं। कई गाँव ऐसे हैं, जहाँ एक भी हिन्दू अब नहीं रहता। तमाम गाँवों से हिन्दू तेजी से पलायन कर रहे हैं। इससे सुरक्षा चिंताएँ भी पैदा हो गई हैं।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के कच्छ जिले में पाकिस्तान सीमा से मात्र कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित 6 गाँव हिन्दूविहीन हो चुके हैं। यह बात इन गाँवों की वोटर लिस्ट से भी सामने आई है। 17 गाँव ऐसे हैं, जहाँ हिन्दू आबादी बहुत कम हो चुकी हैं। भास्कर ने यह रिपोर्ट 23 गाँव में की है।

रिपोर्ट के अनुसार, कच्छ में मोटा दिनारा गाँव में मात्र 1 ही हिन्दू परिवार अब रहता है। यहाँ पहले 30 हिन्दू परिवार रहा करते थे लेकिन धीमे-धीमे सारे ही पलायन कर चुके हैं। यह सारे परिवार एक 500 साल पुराने मंदिर के पास रहा करते थे। यह परिवार यहाँ से पलायन करके आसपास के उन गाँवों में गए हैं जहाँ पर मूलभूत सुविधाएँ अच्छी हैं।

यह परिवार तब वापस आते हैं मंदिर में कोई बड़ा कार्यक्रम होता है। इनमें से तमाम हिन्दू 2001 में आए भूकम्प के बाद विस्थापित हुए थे। उन्हें इस गाँव से दूर घर बनाकर दिया गया था। वह वहीं अब अपने जीवन की गुजर बसर करते हैं। जो घर इस भूकम्प में टूटे थे, उनकी भी कई लोगों ने कोई मरम्मत नहीं करवाई।

यहीं के शेह गाँव में मात्र 8 हिन्दू वोटर हैं। जबकि यहाँ मुस्लिम वोटर 152 हैं। यहाँ से अच्छी अस्पताल और स्कूल सुविधाएँ दूर हैं, इसके चलते परिवार बाहर गए हैं। अच्छा अस्पताल भी भुज में हैं। भुज यहाँ से 150 किलोमीटर दूर है। ऐसे में लोग पलायन को मजबूर हैं।

रिपोर्ट बताती है कि सुठारी गाँव में हिन्दुओं की आबादी कुछ वर्ष पहले तक 2500 हुआ करती थी, यह घट कर अब 1000 के आसपास आ चुकी है। गाँव से जहाँ हिन्दू बाहर गए हैं तो वहीं कुछ मुस्लिम बाहर से आकर बसने लगे हैं। लखपत और कनेर जैसे गाँवों से लोग सूरत और मुंबई काम करने जाने लगे हैं।

यहाँ के हिन्दू संगठन लगातार पलायन का मुद्दा उठा रहे हैं। हिन्दू संगठन इन इलाकों में ड्रग तस्करी और देशविरोधी गतिविधियाँ होते रहने का आरोप लगाते रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि मुस्लिमों ने गाँवों में सरकारी समेत तमाम जमीन भी कब्जाई है। इस संबंध में पीएम मोदी को पत्र भी लिखा जा चुका है।

हिन्दू संगठनों की माँग है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और यहाँ की जनसांख्यिकी को देखते हुए पलायन रोका जाना चाहिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।
- विज्ञापन -