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चीन के मिसाइल फुस्स, तुर्की के ड्रोन मार गिराए: भारत का डिफेंस सिस्टम भेद नहीं पाया पाकिस्तान, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के Videos दिखा एयर मार्शल बोले- भय बिनु होय न प्रीति

सेना ने यह भी बताया कि कैसे स्वदेशी हथियारों ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। यह आत्मनिर्भर भारत का युद्ध था, जिसने न सिर्फ आतंकवाद को जवाब दिया, बल्कि भारत की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने पेश किया।

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया और पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में न सिर्फ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया बल्कि पाकिस्तानी एयरफोर्ट को भी पंगु बना कर रख दिया। सोमवार (12 मई 2025) को दिल्ली में तीनों सेना प्रमुखों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई का पूरा ब्यौरा दिया और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया।

इस दौरान भारतीय वायुसेना के डीजी ऑपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने गोस्वामी तुलसीदास की ‘रामचरित मानस’ की चौपाई ‘विनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत, बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीति’ पढ़कर पाकिस्तान को चेतावनी दी कि बिना भय के शांति संभव नहीं।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, डीजीएमओ ने कहा, “पहलगाम तक पाप का घड़ा भर चुका था। हमने पूरी तैयारी के साथ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।” उन्होंने बताया कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम दीवार की तरह अडिग रहा और पाकिस्तान की मिसाइलें, ड्रोन, और हवाई हमले नाकाम हो गए।

एयर मार्शल एके भारती ने स्पष्ट किया, “हमारी लड़ाई आतंकवादियों के खिलाफ थी, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का साथ देकर इसे अपनी जंग बना लिया। इसके लिए हुए नुकसान की जिम्मेदारी उनकी है।”

इस दौरान भारत की तरफ से साफ कर दिया गया कि भारत ने पाकिस्तान के किसी भी परमाणु ठिकाने को निशाना नहीं बनाया।

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू हुआ, जब भारतीय वायुसेना ने आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने 8-9 मई को जवाबी हमले किए, जिसमें उसने उधमपुर, पठानकोट, और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन भारत के मजबूत एयर डिफेंस ने इन हमलों को विफल कर दिया। शनिवार को दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ, जिसके बाद सीमा पर शांति है।

पाकिस्तानी हथियारों का मलबा

एयर मार्शल भारती ने कहा, “हमारे सभी सैन्य अड्डे, हथियार, और सिस्टम पूरी तरह तैयार हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो हम अगली बार नए तरीके से जवाब देंगे।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने यह भी बताया कि कैसे स्वदेशी हथियारों ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। यह आत्मनिर्भर भारत का युद्ध था, जिसने न सिर्फ आतंकवाद को जवाब दिया, बल्कि भारत की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने पेश किया।

भारत ने पाकिस्तानी हथियारों को भी दिखाया, जिसे भारतीय रक्षकों ने मार गिराया। इसमें चीनी मिसाइलें और तुर्किये के ड्रोन भी शामिल हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले दिखाए गए एक वीडियो ने सबका ध्यान खींचा। इस वीडियो में भारतीय सेना की ताकत और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को दर्शाया गया। वीडियो में कविवर रामधारी सिंह दिनकर की कविता की पंक्ति ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है’ का इस्तेमाल किया गया, जिसने वीर और रौद्र रस को जागृत कर दिया। इसने न सिर्फ सेना की शक्ति दिखाई, बल्कि पाकिस्तान के नापाक इरादों को ध्वस्त करने के भारत के संकल्प को भी दोहराया।

संदेश साफ है- भारत अब चुप नहीं रहेगा। रामचरित मानस की चौपाई और दिनकर की कविता के जरिए सेना ने न सिर्फ पाकिस्तान को चेतावनी दी, बल्कि यह भी दिखाया कि भारत की शक्ति और संस्कृति का मेल अजेय है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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