Homeराजनीति'मेरे राज्य का मुख्यमंत्री 10वीं कक्षा के पेपर लीक मामले में पकड़ा गया था'

‘मेरे राज्य का मुख्यमंत्री 10वीं कक्षा के पेपर लीक मामले में पकड़ा गया था’

"क्या आप जानते हैं हमारे मुख्यमंत्री ने क्या पढ़ाई की है? वे कहते हैं कि उन्होंने बीए या बीकॉम जैसी कुछ पढ़ाई की है। क्या आप जानते हैं कि वे पास हुए थे या नहीं? वे 10वीं कक्षा में पेपर लीक मामले में पकड़े गए थे।"

तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के महासचिव नारा लोकेश ने शुक्रवार (15 नवंबर) को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की। लोकेश ने दावा किया कि 10वीं कक्षा की परीक्षा के दौरान जगनमोहन पेपर लीक करने के मामले में पकड़े गए थे। यह बात उन्होंने सभी सरकारी स्कूलों को अंग्रेज़ी माध्यम में बदलने के जगन सरकार के फ़ैसले के सवाल पर कही।

ख़बर के अनुसार, TDP महासचिव ने कहा, “हम पहले भी कह चुके हैं कि अभिभावकों को यह विकल्प दिया जाना चाहिए कि वे अपने बच्चों को अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाना चाहते हैं या नहीं।” इसके आगे उन्होंने कहा,

“क्या आप जानते हैं जगनमोहन ने क्या पढ़ाई की है? वे कहते हैं कि उन्होंने बीए या बीकॉम जैसी कुछ पढ़ाई की है। क्या आप जानते हैं कि वे पास हुए थे या नहीं? वे 10वीं कक्षा में पेपर लीक मामले में पकड़े गए थे।”

दरअसल, आंध्र प्रदेश की जगन सरकार ने अगले सत्र (2020-2021) से कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी स्कूलों को अंग्रेज़ी माध्यम में बदलने का फ़ैसला किया है। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 13 नवंबर को IAS अधिकारी वेत्री सेल्वी को स्पेशल ऑफ़िसर नियुक्त किया है। फ़िलहाल, लगभग 34% सरकारी स्कूल अंग्रेज़ी माध्यम में ही चल रहे हैं।

इसका मतलब यह हुआ कि अगले शैक्षणिक सत्र से, सरकारी स्कूलों में कक्षा-6 तक के छात्रों को केवल अंग्रेज़ी में पढ़ाया जाएगा। इसके बाद, छठी कक्षा से ऊपर के ग्रेड भी अंग्रेज़ी संस्थानों में परिवर्तित हो जाएँगे। साथ ही इस परियोजना को अमल में लाने के लिए, राज्य सरकार ने सेल्वी को एक विशेष अधिकारी के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है।

वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि सभी स्कूलों में शिक्षा के वर्तमान माध्यम पर अनिवार्य रूप से इस मामले में सरकार के आदेशों के अनुसार स्कूली शिक्षा के कमिश्नर को तेलुगू या उर्दू को अनिवार्य विषय बनाने के लिए उचित प्रयास करने चाहिए।

हाल ही में, जगनमोहन रेड्डी के बंगले पर 73 लाख रुपए की खिड़कियाँ-दरवाज़े लगने की ख़बर चर्चा का विषय बनी हुई थी। बंगले में लगने जा रहे महँगे और हाईटेक सिक्योरिटी खिड़कियाँ-दरवाज़े के ख़र्च के लिए राज्य सरकार से मंज़ूरी भी मिल गई थी। इस मंज़ूरी पर पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के एन चंद्रबाबू नायडू ने सवाल खड़े किए थे।

जानकारी के मुताबिक़, जगनमोहन के मई में चुनाव जीतने और फिर सत्ता में आने के बाद उनके गुंटूर के टाडेपल्ली गाँव में घर तक के लिए क़रीब 5 करोड़ रुपए की लागत से सड़क बनवाई गई थी। ये भी राज्य सरकार के आदेश से हुआ था। साथ ही आलीशान घर में बिजली के काम में करीब 3.6 करोड़ रुपए का ख़र्च आया था। इसके अलावा, घर के परिसर में एक हेलीपैड भी बनवाया गया। घर में हेलीपैड और दूसरे सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में 1.89 करोड़ रुपए ख़र्च हुए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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