तिरुपति मंदिर बना भारत का पहला AI टेंपल, भीड़ से लेकर सिक्योरिटी सब हो सकेगा ट्रैक: दानदाताओं की मदद से TTD ने सेंटर बनवाया, 25 लोगों की टीम करेगी देखरेख

तिरुमला में अब भक्तों की सुरक्षा और भीड़ को संभालने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल होगा। यह देश का पहला ऐसा AI से लैस कमांड कंट्रोल सेंटर है। इसका उद्घाटन गुरुवार (25 सितंबर 2025) को मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सेंटर तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने कुछ NIR दानदाताओं की मदद से बनाया है। इसे वैकुंठम-1 कॉम्प्लेक्स में स्थापित किया गया है। सेंटर में एक बड़ी डिजिटल स्क्रीन लगी है, जिस पर तिरुमला के हर हिस्से की लाइव CCTV फुटेज देखी जा सकेगी। 25 लोगों की एक टीम लगातार इस पर नजर रखेगी और किसी भी हालात में तुरंत कार्रवाई करेगी।

यह AI सिस्टम बहुत ही खास है। यह अलिपिरी से लेकर मंदिर तक की भीड़ का पता लगा सकता है। यह बताएगा कि किस जगह कितनी भीड़ है। यह सब 3D विजुअल्स में दिखेगा। अगर कहीं ज्यादा भीड़ होती है, तो सिस्टम रेड अलर्ट देगा।

यह सिस्टम सिर्फ भीड़ ही नहीं, बल्कि लोगों के चेहरे और हाव-भाव को भी पहचान सकता है। इससे यह पता चल जाएगा कि कोई व्यक्ति परेशान है या नहीं। यह सिस्टम किसी भी लापता व्यक्ति को ढूँढने, चोरी रोकने या किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने में मदद करेगा। अगर कोई आपात स्थिति आती है, तो यह सिस्टम तुरंत सुरक्षित रास्ते बता देगा, जिससे लोग आसानी से बाहर निकल सकें।

यह सेंटर सिर्फ ग्राउंड पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन भी निगरानी करेगा। अगर कोई साइबर हमला करने की कोशिश करता है, गलत जानकारी फैलाता है, या टीटीडी के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट डालता है, तो उसे तुरंत ट्रैक करके ब्लॉक कर दिया जाएगा। यह नया AI सेंटर भक्तों के लिए तिरुमला यात्रा को और भी सुरक्षित और व्यवस्थित बना देगा।