गिरनार की चोटी पर बने गोरखनाथ मंदिर में आधी रात घुसे 4 लोग, तोड़फोड़ करके मूर्ति की खंडित: गुजरात पुलिस कर रही जाँच

गुजरात के जूनागढ़ में गिरनार पर्वत की 1,117 मीटर की ऊँची चोटी पर स्थित नाथ संप्रदाय के गोरखनाथ मंदिर में तोड़फोड़ की और मूर्ति को भी खंडित किया। यह घटना 4 और 5 अक्टूबर 2025 के बीच देर रात की है। स्थानीय हिंदुओं और संतों ने भी इस घटना को लेकर विरोध किया है।

गौरक्षनाथ मंदिर के महंत सोमनाथ बापू ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। महंत के अनुसार, गौरक्षनाथ मंदिर में घुसकर देर रात चार लोगों ने तोड़फोड़ की और पूजन सामग्री बिखेर दी। मंदिर के महंत ने कहा है कि पुजारी के सोते समय उनके कमरे को बाहर से बंद करके मंदिर में तोड़फोड़ की गई।

महंत ने खिड़की से बाहर देखा तो नीचे चार लोग खड़े दिखाई दिए। असामाजिक तत्वों ने मंदिर की मूर्ति के साथ-साथ शीशे और अन्य पूजन सामग्री को भी नुकसान पहुँचाया है। साधुओं ने इस घटना के संबंध में भवनाथ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनकी माँग है कि धर्म के विरुद्ध इस कृत्य को अंजाम देने वाले आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए।

महंत सोमनाथ बापू ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे पहले भी रामदेवजी की मूर्ति स्थापित करते समय जैन समाज ने विरोध किया था, जिसके बाद तीन दिन के भीतर ही मूर्ति चोरी हो गई थी। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि यह कृत्य किसने किया लेकिन उन्होंने आरोप लगाया है कि जैन संप्रदाय द्वारा अक्सर हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया जाता है। पुलिस ने साधु-संतों के आवेदन के आधार पर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।