यौन शोषण मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बुधवार (29 अक्टूबर 2025) को हाई कोर्ट ने उनकी लगातार बिगड़ती सेहत और बेहतर इलाज की सख्त जरूरत को देखते हुए उन्हें 6 महीने की अंतरिम जमानत दे दी है।
जानकारी के अनुसार, हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि आसाराम को इन 6 महीनों में सिर्फ अपनी बीमारी का इलाज कराना होगा और उन्हें किसी भी सार्वजनिक गतिविधि में शामिल होने की इजाजत नहीं होगी।
फिलहाल आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद थे, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए यह अहम फैसला सुनाया।
आसाराम को अगस्त 2013 में अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। यह पहली बार नहीं है जब आसाराम को स्वास्थ्य के आधार पर राहत मिली है।
इससे पहले, जनवरी 2025 में भी सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी थी। उस समय कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि वह जमानत के दौरान किसी गवाह या सबूत से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और न ही अपने अनुयायियों से मुलाकात करेंगे।

