सूडान में RSF के चंगुल में फँसे ओडिशा के आदर्श बेहरा, परिवार ने लगाई मदद की गुहार: जानें क्यों मचा है इस अफ्रीकी देश में कोहराम

सूडान की राजधानी खार्तूम से करीब 1000 किलोमीटर दूर अल फाशिर शहर में रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के लड़ाकों ने 36 साल के भारतीय नागरिक आदर्श बेहरा का अपहरण कर लिया है। ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के रहने वाले आदर्श 2022 से सूडान में सुकुराती प्लास्टिक फैक्ट्री में काम कर रहे थे।

परिवार ने एक वीडियो साझा किया है जिसमें आदर्श दो सैनिकों के बीच बैठे हुए हैं और हाथ जोड़कर ओडिशा सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वीडियो में आरएसएफ के लड़ाके उन्हें शाहरुख खान का नाम लेने और उनके सरगना दागलो की तारीफ करने को कहते नजर आ रहे हैं।

पत्नी सुस्मिता ने बताया कि उनके तीन और आठ साल के 2 बेटे हैं। आमदनी पूरी तरह बंद हो चुकी है। परिवार बेबस हो चुका है। गाँव की सरपंच रितंजली मल्लिक ने कहा कि पूरा गाँव चिंतित है और आदर्श के पिता खेत्रमोहन सहित परिवार डर के साये में जी रहा है।

सूडान के राजदूत मोहम्मद अब्दुल्ला अली एल्टॉम ने भारत को आश्वासन दिया है कि दोनों देश मिलकर आदर्श को रिहा कराने का प्रयास कर रहे हैं।

अफ्रीकी देश सूडान में क्यों मचा है कोहराम?

सूडान में 2023 से चल रही सैन्य बल (एसएएफ) और आरएसएफ के बीच खूनी जंग ने देश को दुनिया की सबसे बड़ी मानवीय संकट की चपेट में डाल दिया है। खार्तूम में केंद्रित यह संघर्ष लाखों लोगों को बेघर कर चुका है। दारफुर का आखिरी सरकारी गढ़ अल फाशिर भी अब आरएसएफ के कब्जे में है।

येल यूनिवर्सिटी के ह्यूमैनिटेरियन रिसर्च लैब की रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों से सामूहिक हत्याओं के सबूत मिले हैं, जहाँ जमीन पर खून के धब्बे और शवों के अवशेष दिख रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, दो दिनों में ही 26,000 से ज्यादा लोग अल फाशिर से भाग चुके हैं, जबकि 177,000 नागरिक फँस गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने 3 नवंबर को चेतावनी दी कि क्षेत्र में हो रही हत्याएँ और बलात्कार युद्ध अपराध हैं। आरएसएफ ने खुद सोशल मीडिया पर नागरिकों, खासकर पुरुषों और लड़कों को पीटते-मारते वीडियो अपलोड किए हैं, जो मानवाधिकार संगठनों ने सत्यापित किए हैं। येल की रिपोर्ट कहती है कि अल फाशिर में गैर-अरब समुदायों का सुनियोजित जातीय सफाया हो रहा है।

हिंसा से भरा रहा है सूडान का इतिहास

सूडान का इतिहास हिंसा से भरा पड़ा है। 1956 में आजादी के बाद दक्षिण, पश्चिम और पूर्वी क्षेत्रों में लगातार संघर्ष चले। दक्षिणी गृहयुद्ध में 2011 में स्वतंत्रता से पहले दो मिलियन लोग मारे गए। दारफुर संघर्ष में 2003 से 2019 तक 300,000 से ज्यादा मौतें हुईं।

अब इस संकट में भारतीय नागरिक फँस रहे हैं। सूडान सरकार ने कहा कि अल फाशिर में संचार ब्लैकआउट है, लेकिन वे आदर्श की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेंगे। परिवार की गुहार के बीच पूरी दुनिया सूडान के संकट पर नजरें गड़ाए हुए है, जहाँ भुखमरी और विस्थापन लाखों जिंदगियों को निगल रहा है।