FATF ने मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में भारत की तारीफ की, ED को दुनिया के लिए बताया ‘मॉडल एजेंसी’: ₹17520 करोड़ के पोंजी स्कैम का भी जिक्र

दुनिया की प्रमुख वित्तीय अपराध निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने हाल ही में एक नया दिशानिर्देश जारी किया है, जिसका नाम है ‘एसेट रिकवरी गाइडेंस एंड बेस्ट प्रैक्टिसेज।’ यह नया नियमावली दस्तावेज पिछले 30 सालों में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराधियों और मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों की गैरकानूनी संपत्ति को ढूँढना, फ्रीज करना और उसे वापस लाना है।

इस गाइड में भारत और उसके प्रवर्तन निदेशालय (ED) के काम की खास तारीफ की गई है। FATF ने भारत को एक उदाहरण के रूप में पेश किया है कि कैसे अपराधियों की अवैध संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें जब्त किया जा सकता है। भारत सिर्फ इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था बल्कि उसने इन नए वैश्विक मानकों को तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाई। ED ने बताया कि उसके अधिकारी पिछले दो साल से तकनीकी मसौदा तैयार करने और अंतरराष्ट्रीय बातचीत में शामिल रहे, जिससे यह दिशा-निर्देश तैयार हो सका।

FATF ने माना कि भारत की जाँच और एसेट रिकवरी प्रणाली अब दुनिया के लिए एक मॉडल बन चुकी है। संस्था ने कहा कि कई देश अब भारत की जाँच पद्धति और कानूनों से सीख सकते हैं। नई गाइडलाइन में एक बड़ा बदलाव यह है कि अब देशों को बिना कोर्ट की सजा के भी चोरी की संपत्ति जब्त करने की अनुमति होगी। यह कदम खास तौर पर उन मामलों के लिए उपयोगी है, जहाँ अपराधी विदेश भाग जाते हैं या मुकदमा चलाना संभव नहीं होता।

FATF ने भारत के दो प्रमुख कानूनों की भी सराहना की है, फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट 2018, जिसे FATF ने वैश्विक मानक बताया और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), जिसे संपत्ति बरामदगी के लिए प्रभावी और सफल कानून कहा गया।

रिपोर्ट में भारत के कई सफल मामलों का उल्लेख किया गया है। एग्री गोल्ड निवेश घोटाले में 60,000 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर पीड़ितों को लौटाई गई। IREO ग्रुप केस में 1777 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई। बिटकनेक्ट क्रिप्टो स्कैम में 1646 करोड़ रुपए की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की गई और बनमीत सिंह ड्रग केस में भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर 1300 करोड़ रुपए मूल्य के 268 बिटकॉइन जब्त किए।

पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाने के मामले में भी FATF ने भारत को एक आदर्श उदाहरण बताया। रोज वैली चिटफंड केस में 538 करोड़ रुपए लौटाकर 75,000 निवेशकों को राहत दी गई, जबकि पेन अर्बन को-ऑप बैंक धोखाधड़ी केस में 290 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर जमाकर्ताओं को मुआवजा दिया गया।

इन सभी सफलताओं के जरिए FATF ने स्पष्ट किया है कि भारत अब दुनिया में वित्तीय अपराधों से निपटने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के क्षेत्र में एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता (Global Leader) बनकर उभरा है।