प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार (24 नवंबर 2025) की सुबह दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में संपन्न जी-20 शिखर सम्मेलन से भारत आ गए। तीन दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर बहुपक्षीय चर्चा की और कई प्रमुख नेताओं से द्विपक्षीय वार्ताएँ कीं, जो भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नई मजबूती देंगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया, “पीएम मोदी ने सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे कर जोहान्सबर्ग से प्रस्थान किया।”
एक्स पर पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, “यह समिट वैश्विक स्थिरता और सतत विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और उनकी टीम का आभार।” उन्होंने जोर दिया कि विश्व नेताओं से बातचीत सार्थक रही, जो भारत के बहुपक्षीय रिश्तों को मजबूत करेगी। उन्होंने वीडियो पोस्ट कर जी-20 बैठक के दौरान के अहम पलों को भी साझा किया।
Collective efforts for a better future!
— Narendra Modi (@narendramodi) November 24, 2025
Here are highlights from the G20 Summit held in Johannesburg, South Africa… pic.twitter.com/dxX5T1ReIC
दौरे की हाइलाइट रहीं द्विपक्षीय बैठकें। पीएम मोदी ने कनाडा के पीएम मार्क कार्नी से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ सामरिक साझेदारी गहराने पर सहमति बनी। जापान की पीएम साने ताकाइची से रक्षा, नवाचार और टैलेंट मोबिलिटी पर सहयोग बढ़ाने का फैसला हुआ।
इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, जमैका और नीदरलैंड के समकक्षों तथा IMF की एमडी क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से चर्चा हुई। इन वार्ताओं में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और तकनीकी साझेदारी प्रमुख मुद्दे रहे।
पीएम मोदी की वैश्विक नेताओं से द्वीपक्षीय वार्ता
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, जमैका और नीदरलैंड के अपने समकक्षों के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से भी मुलाकात की। द्विपक्षीय वार्ताओं में व्यापार, रक्षा, नवाचार, ऊर्जा, अंतरिक्ष सहयोग और तकनीकी साझेदारी जैसे विषय प्रमुख रहे है।
कनाडाई प्रधानमंत्री से बातचीत में दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य पर सहमति जताई। इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी से बैठक में सामरिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। वहीं जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची के साथ रक्षा, नवाचार और टैलेंट मोबिलिटी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
जी-20 सत्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैश्विक समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग वैश्विक भलाई के लिए होना चाहिए और ओपन सोर्स मॉडल को बढ़ावा देना समय की माँग है।
इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों की आवश्यकता दोहराते हुए कहा कि वैश्विक संस्थानों का पुनर्गठन अब अनिवार्य है। प्रधानमंत्री ने मादक पदार्थ-आतंकवाद गठजोड़ के खिलाफ वैश्विक पहल और एक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल बनाने का भी प्रस्ताव रखा।

