सोनिया गाँधी की बैठक से दूर रहे थरूर, 2 हफ्ते में कॉन्ग्रेस की दूसरी बड़ी बैठक से बनाई दूरी: कॉन्ग्रेस नेतृत्व से दूरी बनाने की लग रही अटकलें

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले कॉन्ग्रेस के भीतर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गाँधी के घर हुई पार्टी के स्ट्रेटजी ग्रुप की अहम बैठक में कई बड़े नेता मौजूद रहे लेकिन तिरुवनंतपुरम (केरल) के सांसद शशि थरूर इस बैठक में नजर नहीं आए। कुछ दिनों पहले भी वह SIR को लेकर एक बैठक में नजर नहीं आए थे। इसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या क्या थरूर धीरे-धीरे कॉन्ग्रेस नेतृत्व से दूरी बना रहे हैं?

वहीं, इस बैठक में शामिल ना होने को लेकर शशि थरूर की टीम का कहना है कि वह केरल में अपनी 90 वर्षीय माँ के साथ हैं और स्थानीय निकाय चुनाव में प्रचार भी कर रहे हैं। इसी वजह से वे दिल्ली नहीं पहुँच पाए। दिलचस्प बात यह है कि प्रचार कारणों से ही संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी मीटिंग से दूर रहे। हालाँकि केरल के ही वरिष्ठ सांसद के. सुरेश बैठक में शामिल हुए। इससे थरूर की गैर मौजूदगी की ज्यादा चर्चा है।

इससे पहले 18 नवंबर 2025 को मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में भी थरूर नहीं पहुँचे थे। तब उनकी ओर से स्वास्थ्य खराब होने की बात कही गई थी, लेकिन ठीक इससे पहले वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम में नजर आए थे और बाद में उन्होंने पीएम मोदी के भाषण की सोशल मीडिया पर तारीफ भी की थी। इसी वजह से पार्टी के अंदर इस बार उनके उपस्थित ना होने को लेकर और भी सवाल उठ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि शीतकालीन सत्र बेहद अहम है और कॉन्ग्रेस सरकार से SIR, बेरोजगारी, महँगाई और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर कड़ा सवाल पूछने की तैयारी में है। ऐसे में थरूर की भूमिका पर सभी की नजर रहेगी कि क्या वह सत्र के दौरान पूरी सक्रियता से पार्टी की लाइन के साथ नजर आएँगे या उनकी चुप्पी नए राजनीतिक संकेत देगी?