प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की AI क्रांति को बड़ा बूस्ट मिला है। माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन सत्या नडेला ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद ऐलान किया कि कंपनी भारत में 17.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.57 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी।
ये एशिया में माइक्रोसॉफ्ट का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जो देश के AI-फर्स्ट फ्यूचर को मजबूत बनाने पर फोकस करेगा। नडेला ने कहा कि ये पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल्स और सोवरेन कैपेबिलिटीज बनाने में लगेगा।
पीएम मोदी से बातचीत के बाद नडेला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, “धन्यवाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, भारत की एआई अवसर पर प्रेरणादायक बातचीत के लिए। देश की महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए, माइक्रोसॉफ्ट 17.5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रही है। यह एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। इससे भारत के एआई-फर्स्ट भविष्य के लिए जरूरी बुनियादी ढाँचा, कौशल और स्वायत्त क्षमताएँ बनाने में मदद मिलेगी।” ये निवेश भारत को ग्लोबल AI हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
Thank you, PM @narendramodi ji, for an inspiring conversation on India’s AI opportunity. To support the country’s ambitions, Microsoft is committing US$17.5B—our largest investment ever in Asia—to help build the infrastructure, skills, and sovereign capabilities needed for… pic.twitter.com/NdFEpWzoyZ
— Satya Nadella (@satyanadella) December 9, 2025
पीएम मोदी ने भी एक्स पर लिखा, “जब बात AI की आती है, तो दुनिया भारत को लेकर आशावादी है! श्री सत्य नडेला के साथ बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई। यह देखकर खुशी हुई कि भारत वह जगह बन रहा है जहाँ माइक्रोसॉफ्ट एशिया में अपना अब तक का सबसे बड़ा निवेश करेगा। भारत के युवा इस अवसर का लाभ उठाकर नवाचार करेंगे और एक बेहतर ग्रह के लिए AI की शक्ति का लाभ उठाएँगे।”
When it comes to AI, the world is optimistic about India!
— Narendra Modi (@narendramodi) December 9, 2025
Had a very productive discussion with Mr. Satya Nadella. Happy to see India being the place where Microsoft will make its largest-ever investment in Asia.
The youth of India will harness this opportunity to innovate… https://t.co/fMFcGQ8ctK
ये ऐलान गूगल के हालिया निवेश के ठीक बाद आया है। गूगल ने इस साल 15 बिलियन डॉलर का निवेश प्लान किया था, जिसमें आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में पहला AI हब बनेगा। ये गीगावाट-स्केल डेटा सेंटर होगा, जिसमें AI इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क और नया इंटरनेशनल सबसी कैबल गेटवे शामिल है। ये गूगल का भारत में सबसे बड़ा कमिटमेंट है और अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा AI फैसिलिटी।
अन्य AI कंपनियाँ भी भारत की ओर रुख कर रही हैं। ओपनAI 1GW डेटा सेंटर सेटअप करने की प्लानिंग में है और दिल्ली में ऑफिस खोल चुकी है। वहीं, एंथ्रोपिक ने बेंगलुरु में ऑफिस खोला है। यूजर्स को लुभाने के लिए चैटजीपीटी ने अपना गो प्लान सबसे पहले भारत में लॉन्च किया है। जबकि पर्प्लेक्सिटी ने एयरटेल के साथ टाई-अप कर प्रो प्लान फ्री कर दिया है। वहीं, जबकि गूगल भी जियो यूजर्स को प्रो प्लान्स फ्री में ऑफर कर रही है।
भारत दुनिया का सबसे तेज बढ़ता डिजिटल मार्केट है, जहाँ टेक जायंट्स AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी दाँव लगा रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट का ये निवेश न सिर्फ जॉब्स क्रिएट करेगा, बल्कि स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा देगा। पीएम मोदी के AI मिशन को ये ग्लोबल सपोर्ट मिलना देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।

