केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में LDF को झटका लगने के बाद भड़की हिंसा, CPI(M) कार्यकर्ताओं ने एरामाला में कॉन्ग्रेस दफ्तर में की तोड़फोड़

केरल के विभिन्न हिस्सों, खासकर उत्तरी जिलों में स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों के बाद हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, कॉन्ग्रेस-नेतृत्व वाले UDF ने अधिकांश स्थानीय निकायों में जीत दर्ज की जबकि NDA ने भी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सफलता पाई, जिसमें तिरुवनंतपुरम नगर निगम की जीत शामिल है। इसके बाद विपक्षी दलों के समर्थकों के बीच तनाव और झड़पें हुईं।

कोझिकोड जिले के एरामला में CPI(M) कार्यकर्ताओं ने कॉन्ग्रेस कार्यालय, इंदिरा गाँधी भवन पर हमला किया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार लगभग 200 लोग खतरनाक हथियार लेकर कॉन्ग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े और भवन व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की प्रतिमा को नुकसान पहुँचाया। संपत्ति को हुए नुकसान का अनुमान ₹5 लाख है। हालात तब और बिगड़ गए जब UDF के सदस्य भी वहाँ इकट्ठा हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तैनाती की।

मलप्पुरम जिले के मलाड में UDF की विजय जुलूस पर पत्थरबाजी की घटना में कई लोग घायल हुए। वहीं, वायनाड जिले के सुल्तान बाथेरी में भी हिंसा की घटना सामने आई, जहाँ लगभग 40 CPI (M) कार्यकर्ताओं ने UDF के एक कार्यकर्ता और उनके परिवार के कार पर हमला किया। संबंधित मामले में FIR दर्ज की गई है।

कन्नूर जिले के पनूर में CPI(M) कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम लीग के कई कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया। घरों में खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुँचाया गया। पनूर पुलिस के अनुसार, हिंसा तब शुरू हुई जब कुछ CPI(M) कार्यकर्ताओं ने UDF की विजय जुलूस को तलवार और खंजर लेकर रोक दिया। इस झड़प में कई UDF सदस्य घायल हुए।

कन्नूर जिले के उलिक्कल में भी UDF और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं, जिन्हें पुलिस के हस्तक्षेप के बाद नियंत्रित किया गया। कासरगोड जिले के बेडकॉम में LDF की विजय जुलूस पर CPI(M) कार्यकर्ताओं ने हमला किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए। इसके अलावा, तिरुवनंतपुरम जिले के नेय्यत्तिन्कारा में CPI(M) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़पें हुईं।

स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ LDF को झटका लगा

केरल में स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ता में रहे लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को बड़ा झटका लगा है। कॉन्ग्रेस-नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने कुल 1200 स्थानीय निकायों में से 649 पर जीत हासिल की।

UDF ने 951 ग्राम पंचायतों में से 505, 152 ब्लॉक पंचायतों में से 79, 14 जिला पंचायतों में से 7, 87 नगरपालिकाओं में से 54 और 6 नगर निगमों में से 4 में जीत दर्ज की।

साथ ही, भाजपा-नेतृत्व वाले NDA के लिए भी चुनाव ऐतिहासिक रहे। NDA ने पहली बार तिरुवनंतपुरम में 101 नगर निगम सीटों में से 50 सीटें जीतीं। यह पिछले साल भाजपा की राज्य में पहली लोकसभा सीट जीत के बाद हुई बड़ी सफलता है।