जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने मंगलवार (16 दिसंबर 2025) को कश्मीर घाटी में सात जिलों- श्रीनगर, बारामुला, अनंतनाग, पुलवामा, कुपवाड़ा, बडगाम और शोपियाँ में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। यह ऑपरेशन 2023 में दर्ज एक मामले के तहत किया गया, जो IPC और UAPA की विभिन्न धाराओं से जुड़ा है।
छापेमारी के दौरान जाँच में खुलासा हुआ कि ये संदिग्ध मीडिया, सोशल मीडिया, मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक समूहों की आड़ लेकर भारत-विरोधी गतिविधियाँ चला रहे थे। उनके पास पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर्स से संपर्क के पक्के सबूत भी बरामद हुए हैं।
CIK के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “ये लोग संगठनों के नाम पर घाटी में अस्थिरता फैला रहे थे। हमने उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह सटीक कार्रवाई की। जाँच जारी है, और और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।”
जिन लोगों के घरों पर छापेमारी की गई है। उन पर आरोप है कि वे लोग सोशल मीडिया के जरिए आतंक को बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। इसी के जरिए वे लोगों को आतंक के लिए उकसा रहे थे।

