‘जजों को डराना बंद करे विपक्ष’: जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग की पहल पर भड़के 36 पूर्व जज, कहा- यह लोकतंत्र पर सीधा हमला

मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा महाभियोग लाने की कोशिशों पर देश के 36 पूर्व जजों ने कड़ा ऐतराज जताया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस कृष्ण मुरारी समेत सभी ने शनिवार (20 दिसंबर 2025) को एक संयुक्त पत्र जारी कर कहा कि यदि राजनीतिक दल अपनी पसंद के फैसले न आने पर जजों को डराने-धमकाने की कोशिश करेंगे, तो यह लोकतंत्र और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए खतरनाक होगा।

पूर्व जजों ने लिखा कि यह महाभियोग प्रस्ताव उन जजों को डराने की खुली कोशिश है जो किसी खास राजनीतिक या वैचारिक एजेंडे के अनुसार फैसले नहीं लेते। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई नया मामला नहीं है। 2018 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और अन्य पूर्व चीफ जस्टिस पर भी ऐसे आरोप लगे थे।

पूर्व न्यायाधीशों ने सांसदों, वकीलों और आम नागरिकों से अपील की कि वे इस कदम का विरोध करें और इसे शुरुआत में ही रोकें। विपक्षी दलों ने 9 दिसंबर को लोकसभा अध्यक्ष को जस्टिस स्वामीनाथन को हटाने का नोटिस दिया था। पूर्व जजों ने साफ किया कि न्यायपालिका को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा।