कर्नाटक के उडुपी जिले में भारतीय नौसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इस केस में मालपे कोचीन शिपयार्ड से जुड़े कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर हुई है। उडुपी पुलिस ने मामले में अब तीसरे आरोपित हिरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, हिरेंद्र कुमार की गतिविधियाँ पहले से ही संदेह के घेरे में थीं। पूछताछ के बाद उसके रोल की पुष्टि होने पर उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस जाँच में सामने आया है कि नौसेना के ऑपरेशन और इंस्टॉलेशन से संबंधित गोपनीय सूचनाएँ अवैध रूप से साझा की जा रही थीं।
जाँच एजेंसियों का दावा है कि आरोपित नौसेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियाँ पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर्स तक पहुँचा रहे थे, जिसके बदले उन्हें अवैध आर्थिक लाभ मिलने की आशंका है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सूचनाएँ गुप्त और सुरक्षित चैनलों के जरिए भेजी जाती थीं और पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
जाँच एजेंसियाँ इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इसके पीछे विदेशी खुफिया एजेंसियों की भूमिका तो नहीं है। आरोपितों को यह संवेदनशील जानकारी मालपे कोचीन शिपयार्ड में काम के दौरान मिली थी, जहाँ उन्हें नौसेना की गतिविधियों तक पहुँच हासिल थी। इसी पहुँच का दुरुपयोग कर सुरक्षा से जुड़ी अहम सूचनाएँ बाहर भेजी गईं।
इससे पहले पुलिस ने इस मामले में दो अन्य आरोपितों, रोहित और संत्री को गिरफ्तार किया था। फिलहाल सभी आरोपितों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और जाँच जारी है।

