राजधानी दिल्ली के कार्तव्य पथ पर हुए एक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपितों को शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दे दी है। जिन प्रदर्शनकारियों को जमानत मिली है, उनमें इलक्किया, आयशा वफिया, रवजोत कौर, गुरकीरत कौर, अभिनाश सत्यपाथी और क्रांति शामिल हैं। इन पर कार्तव्य पथ पर हुए प्रदर्शन के दौरान मारे गए माओवादी कमांडर माडवी हिड़मा के समर्थन में नारे लगाने का आरोप था।
कोर्ट ने कहा- भागने या सबूत से छेड़छाड़ की आशंका नहीं
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष यह दिखाने में असफल रहा है कि आरोपितों के बाहर आने से गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ का कोई वास्तविक खतरा है। साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपितों के फरार होने की कोई आशंका भी सामने नहीं आई है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपितों में से कोई भी प्रतिबंधित माओवादी छात्र संगठन रैडिकल स्टूडेंट यूनियन (RSU) का सदस्य नहीं है।
कोर्ट ने रेखांकित किया कि अभियोजन पक्ष ने अपने जवाब में यह दावा नहीं किया कि भगत सिंह छात्र एकता मंच (BSCEM) या हिमखंड, जिनसे आरोपित जुड़े बताए गए, वह कोई प्रतिबंधित संगठन हैं। इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने सभी छह आरोपितों को 50-50 हजार रुपए के निजी मुचलके और समान राशि के जमानती बांड पर रिहा करने का आदेश दिया।
प्रदर्शन: ट्रैफिक जाम से लेकर पेपर स्प्रे तक
कोर्ट के आदेश में अभियोजन के उस पक्ष का भी उल्लेख किया गया, जिसके अनुसार 23 नवंबर 2025 को ये आरोपित स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), BSCEM और हिमखंड से जुड़े एक प्रदर्शन में शामिल हुए थे। यह प्रदर्शन ‘दिल्ली कोऑर्डिनेशन कमेटी फॉर क्लीन एयर’ के बैनर तले आयोजित किया गया था, जो कथित तौर पर हिमखंड के सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए संचालित हो रहा था।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान आरोपितों ने सी-हेक्सागन रोड पर बैठकर यातायात बाधित किया, पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्य निभाने से रोका और प्रदूषण से इतर हिड़मा के समर्थन में नारे लगाए। इतना ही नहीं, अभियोजन के मुताबिक, आरोपित आयशा वफिया मिधाथ ने सह-आरोपित अक्षय को पेपर स्प्रे दिया, जिसे उसने कांस्टेबल ईशांत के चेहरे पर छिड़क दिया, जिससे वे घायल हुए।
इस पूरे मामले में पुलिस ने संसद मार्ग और कार्तव्य पथ थानों में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में कुल 23 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था। जमानत की शर्तों के तहत कोर्ट ने आरोपितों को भारत से बाहर न जाने, सबूतों से छेड़छाड़ न करने, जाँच में सहयोग करने और चार्जशीट दाखिल होने तक हर दूसरे बुधवार को कार्तव्य पथ थाने के एसएचओ के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।

