मध्य प्रदेश के कटनी जिले में धर्मांतरण का शिकार हुए दलित युवक अभिषेक खटीक को राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने ई-रिक्शा भेंट किया है। यह ई-रिक्शा अभिषेक को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिषेक खटीक अनुसूचित जाति से संबंध रखता है। तीन-चार साल पहले अनाथा आश्रम में रहते हुए अभिषेक का जबरन धर्मांतरण करवा दिया गया था। इस मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।
अभिषेक खटिक हिंदू है,बचपन में पारिवारिक मजबूरी में इसको मिशनरी अनाथ आश्रम में भेज दिया गया वहाँ अभिषेक को ईसाई बना दिया गया था ।
— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) December 28, 2025
तीन साल पहले मैंने बालक को रेस्क्यू कर के अवैध धर्मांतरण के मामले की FIR करवाई थी।
अब हिंदू पद्धति से जीवन जी रहे हैं और अपने अधिकारों के प्रति सचेत… pic.twitter.com/UbBIluzECq
अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। प्रियांक कानूनगो ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों का धर्मांतरण केवल धार्मिक विषय नहीं है, बल्कि इससे उनके संवैधानिक अधिकार और आरक्षण भी समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।

