सरकारी जमीन पर हो रखा था कब्जा, कर्नाटक में 400+ घरों पर बुलडोजर चला: कार्रवाई की खबर सुन केरल CM भड़के, बोले- मुस्लिमों को बनाया जा रहा निशाना

हमेशा मुस्लिम आबादी को खुश करने में जुटी रहने वाली कॉन्ग्रेस सरकार के लिए इस बार यही लोग परेशानी की वजह बन गए हैं। मामला कर्नाटक के बेंगलुरु के कोगिलु गाँव का है। यहाँ सरकारी जमीन पर मुस्लिम परिवारों ने कब्जा करके 1 या 2 नहीं बल्कि 400 से ज्यादा घर बनाए लिए थे। मामले ने तूल पकड़ा तो सवाल उठे और प्रशासन को फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट नाम के इलाके में बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।

बेंगलुरु में ये एक्शन 22 दिसंबर 2025 को लिया गया जिसके बाद से वहाँ के स्थानीय तो इसका विरोध करने ही लगे, साथ ही केरल के मुख्यमंत्री भी इसके खिलाफ दिखे। उनका कहना है कि जानकर मुस्लिमों को निशाना बनाया गया है।

बता दें सोमवार (22 दिसंबर 2025) की सुबह फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट इलाके में भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ धावा बोला गया। यहाँ झील के किनारे और कचरा निपटान के लिए सुरक्षित रखी गई सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए 400 से अधिक मुस्लिम घरों को जमींदोज कर दिया गया। बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड का कहना है कि यह पूरी जमीन सरकारी थी, जिस पर लंबे समय से अतिक्रमण किया गया था।

दशकों पुराने कब्जे और लैंड माफिया का जाल

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस बेशकीमती सरकारी जमीन पर लैंड माफियाओं ने कब्जा कर रखा था। हालाँकि, वहाँ रहने वाले लोग दावा कर रहे हैं कि वे दशकों से यहाँ बसे हुए हैं, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि समय चाहे कितना भी बीत गया हो, सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा कानूनी रूप से गलत है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी इस कार्रवाई का मजबूती से समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि शहर के पर्यावरण और सरकारी संसाधनों को बचाने के लिए लैंड माफिया और अवैध बस्तियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई बेहद जरूरी थी।

कार्रवाई पर सियासत और बाहरी विरोध

इस अतिक्रमण हटाओ अभियान ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। जहाँ एक तरफ स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं पड़ोसी राज्य केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी इस कार्रवा की आलोचना की है।

आलोचक इसे एक विशेष समुदाय को निशाना बनाना बता रहे हैं, लेकिन कर्नाटक सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार का स्पष्ट स्टैंड है कि यह कार्रवाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि केवल अवैध कब्जों और सरकारी जमीन को कब्जाने वाली मानसिकता के खिलाफ है।