‘1 मणिपुर से, 1 नेपाल से’: देहरादून पुलिस ने खारिज किया एंजेल चमका मर्डर केस में नस्लीय एंगल, कहा- कोई सबूत नहीं; पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने- पिटाई से फटी दिमाग की नस

उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मौत मामले में नया मोड़ आया है। मामले की पुख्ता जाँच के बाद पुलिस ने बताया कि विवाद एक जन्मदिन पार्टी में हुआ था। पुलिस ने कहा कि इस पार्टी में सभी पर्वतीय क्षेत्र के लोग शामिल थे, ऐसे में नस्लीय भेदभाव के कारण हत्या नहीं हो सकती है। उधर, पोस्टपार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सामने आई है।

एंजेल चकमा की मौत पर मृतक का परिवार और पूर्वोत्तर के संगठन ने इसे ‘हेट क्राइम’ और ‘नस्लीय हिंसा’ बताया है। हालाँकि, पुलिस ने जाँच के बाद नस्लीय हिंसा की बात नकारा है। पुलिस का कहना है कि यह नशे की हालत में हुआ हादसा था, न कि कोई सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।

पुलिस का बयान

पुलिस ने बताया कि 9 दिसंबर 2025 को मणिपुर निवासी सूरज ख्वास ने अपने बेटे के जन्मदिन की पार्टी रखी थी। इसमें कई लोग मौजूद थे। पार्टी में हँसी-मजाक का दौर जारी थी। तभी एंजेल चकमा और उसके भाई माइकल चकमा को लगा कि ये लोग उन पर टिप्पणी कर हँस रहे हैं।

इसी बात को लेकर पार्टी में विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसा तक पहुँच गया, जिसमें एंजेल चकमा और उसके भाई को गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में लंबे समय तक इलाज चलने के बाद एंजेल की मौत हो गई।

नस्लीय हिंसा को किया खारिज

पुलिस ने कहा कि बर्थडे पार्टी कराने वाला सूरज ख्वास मणिपुर का रहने वाला है। जबकि हमला करने वाला नाबालिग और एक अन्य आरोपित नेपाल का निवासी है। इसके साथ ही दो अन्य आरोपित भी उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र से आते हैं।

इसी आधार पर पुलिस ने बताया कि सभी पर्वतीय क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में नस्लीय टिप्पणी के कारण हिंसा हो ही नहीं सकती है। पुलिस ने नस्लीय हिंसा को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस ने यह दावा आसपास के लोगों के बयान दर्ज करने के बाद किया है।

पोस्टपार्टम रिपोर्ट में खुलासा

उधर, एंजेल चकमा की मेडिकल रिपोर्ट भी सामने आई है। इस रिपोर्ट में छात्र की मौत की वजह दिमाग में ब्लीडिंग को बताया गया है। बता दें कि बर्थडे पार्टी के बाद हुई हिंसा में एंजेल चकमा को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद से एंजेल का 14 दिन तक अस्पताल में इलाज चला। 14 दिन बाद दिमाग की नस फटने से एंजेल की मौत हो गई।