एलन मस्क के Grok AI पर अब ब्रिटेन में भी शुरू हुई जाँच, गंदी तस्वीरें बनाने से मचा बवाल: भारत में केंद्र सरकार के नोटिस के बाद X से हटाई गई थी कई पोस्ट

यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टारर ने 12 जनवरी 2026 को Grok को लेकर एक्स को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि एलन मस्क का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X अगर Grok के गलत इस्तेमाल को रोकने में नाकाम रहता है, तो वह इसे नहीं चला पाएगा।

लेबर पार्टी के सांसदों से बात करते हुए स्टारर ने कहा कि अगर X Grok को कंट्रोल नहीं कर सकता, तो हम करेंगे। इससे पता चलता है कि पीएम कीर स्टार्मर इस मुद्दे पर काफी सख्त हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, UK सरकार लंबे समय से पेंडिंग कानून लागू करना चाहती है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बिना सहमति के इंटिमेट इमेज बनाना या माँगना अपराध माना जाएगा। दरअसल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म X और उसके AI चैटबॉट Grok पर महिलाओं की बिना सहमति के डीपफेक सेक्सुअल इमेज बनाने पर लोगों की चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह की इमेज धड़ल्ले से देखी जा रही थी।

भारत सरकार ने महिलाओं की अश्लील इमेज पब्लिश करने के लिए X के खिलाफ लीगल एक्शन की चेतावनी दी थी। इसके बाद एक्स ने हजारों ऐसे पोस्ट हटा दिए। इस मामले में 600 से ज्यादा अकाउंट सस्पेंड भी किए गए।

X पर Ofcom की जाँच का दबाव

UK सरकार की यह चेतावनी Ofcom के X की जाँच की घोषणा के कुछ घंटों बाद आई। दरअसल Grok का इस्तेमाल लोगों, खासकर महिलाओं की तस्वीरों को बिना सहमति के डिजिटल रूप से बदलने के लिए किया जा रहा है।

अगर ये साबित होता है कि एक्स ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया है, तो रेगुलेटर X के ग्लोबल टर्नओवर का 10% या £18 मिलियन तक का जुर्माना लगा सकता है। बहुत गंभीर मामलों में Ofcom प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने के लिए यूके कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।

टेक्नोलॉजी मंत्री लिज केंडल ने ऑफकॉम की जाँच का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने हालिया कंटेंट को ‘बेहद परेशान करने वाला’ बताया।

लंबे समय से रुका हुआ कानून इस हफ्ते लागू होगा

खास बात यह है कि UK में डीपफेक इंटिमेट तस्वीरें पहले से ही गैर-कानूनी हैं। हालाँकि, जून 2025 में पास हुए डेटा यूज एंड एक्सेस एक्ट के तहत, इन्हें अपराध नहीं माना गया था। लेकिन अब जो कानून पास हो रहा है उसमें डीपफेक वाली तस्वीरे बनाने पर आपराधिक मामला चलेगा। ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के तहत इसे मान्यता दी जाएगी।

ग्रोक के खिलाफ दुनियाभर में कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं। मलेशिया और इंडोनेशिया ने कुछ समय के लिए टूल का एक्सेस रोक दिया। आलोचना का जवाब देते हुए एलन मस्क ने दावा किया कि UK सरकार “सेंसरशिप के लिए बहाना ढूंढ रही है।”

X ने महिलाओं के डीपफेक बनाने के लिए 600+ अकाउंट हटा दिए

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने 11 जनवरी को माना कि उसके प्लेटफॉर्म में कई कमियां थीं। उसने मोदी सरकार को भरोसा दिलाया है कि वह पूरी तरह से भारतीय कानून के हिसाब से काम करेगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह भरोसा X के AI चैटबॉट, ग्रोक से जुड़े अश्लील और सेक्शुअली एक्सप्लिसिट कंटेंट के फैलने पर अधिकारियों की कड़ी कार्रवाई के बाद दिया गया था।

सुधार के नाम पर X ने करीब 3,500 कंटेंट ब्लॉक कर दिए और 600 से ज्यादा अकाउंट डिलीट कर दिए। प्लेटफॉर्म ने सरकार से यह भी कहा है कि वह आगे से प्लेटफॉर्म पर अश्लील तस्वीरें या गैर-कानूनी चीजें नहीं आने देगा।