छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में ईसाइयत छोड़कर 47 परिवारों ने घर वापसी की है। यह घर वापसी दोरला समाज के एक बड़े कार्यक्रम में कराई गई। सभी परिवारों को माला-पहनाकर दोबारा सनातन धर्म में स्वागत कराया गया।
दरअसल, जिले में कोंटा विकासखंड क्षेत्र के जान गोलापल्ली में दोरला समाज का पटेल-पुजारी परिचर्चा सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में 9 पंचायतों के 40 गाँवों से 3 हजार परिवारों ने हिस्सा लिया। इसी सम्मेलन में 47 परिवारों को घर वापसी कराई गई। समाज के पदाधिकारियों ने इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाज के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चिंता व्यक्त की कि दोरला समाज धीरे-धीरे दूसरे समाजों की संस्कृति पर निर्भर होता जा रहा है, जिससे समाज की मूल परंपराएँ, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान विलुप्त होने के कगार पर पहुँच रही हैं। पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

