भारत आज 77वाँ गणतंत्र दिवस पूरे गौरव और भव्यता के साथ मना रहा है। कर्तव्य पथ पर होने वाली ऐतिहासिक परेड के जरिए देश अपनी विकास यात्रा, सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और जनभागीदारी की भावना को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।
इस समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी , जबकि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद हैं। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने की थीम को समर्पित है।
‘विविधता में एकता’ की भावना को दर्शाते हुए देशभर से आए करीब 2,500 कलाकार ‘वंदे मातरम’ पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे। 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और 13 केंद्रीय मंत्रालयों की झांकियाँ संस्कृति, विरासत, आत्मनिर्भर भारत और विकास योजनाओं को दर्शाएँगी।
परंपरा और सम्मान के साथ शुरुआत
गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने से करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने अंगरक्षकों की सुरक्षा में पारंपरिक बग्घी से कर्तव्य पथ पहुँचेंगी।
सुबह 10.30 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और राष्ट्रगान के साथ स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गनों से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। लगभग 90 मिनट तक चलने वाले इस कार्यक्रम में सैन्य सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
सैन्य ताकत और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झलक
इस बार परेड का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय सेना द्वारा पहली बार प्रस्तुत किया जाने वाला ‘चरणबद्ध युद्ध संरचना’ (Phased Battle Array) रहेगा। इसमें ड्रोन, टैंक, तोपखाने, हेलिकॉप्टर और अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार प्रणालियों को वास्तविक युद्ध जैसे परिदृश्य में दिखाया जाएगा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े मॉडल, इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर और त्रि-सेवा झांकी, थल, जल और वायु सेनाओं के संयुक्त संचालन की ताकत को दर्शाएगा। डीआरडीओ की ओर से हाइपरसोनिक क्षमताओं वाली लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल भी प्रदर्शित की जाएगी।
थल, जल और वायु सेना का समन्वित प्रदर्शन
परेड में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के मार्चिंग दस्तों के साथ आधुनिक हथियार प्रणालियाँ शामिल रहेंगी। नौसेना की झांकी में प्राचीन समुद्री विरासत से लेकर आईएनएस विक्रांत और आधुनिक पनडुब्बियों तक की झलक दिखेगी।
वायु सेना के फाइटर और ट्रांसपोर्ट विमानों ने आकाश में भव्य फ्लाई-पास्ट किया, जो भारत की हवाई ताकत और तकनीकी क्षमता का प्रतीक रहेगा। महिला नेतृत्व वाला तटरक्षक बल दस्ता और विभिन्न अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियाँ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

