‘RSS से जुड़े होने पर CPM कार्यकर्ताओं ने काट दिए दोनों पैर’: मेज पर आर्टिफिशियल पैर रख कर राज्यसभा सांसद सदानंदन मास्टर ने सुनाई आपबीती

सदन में लोकतंत्र की दुहाई दे रहे सीपीएम की क्रूरता की कहानी मनोनीत सांसद सी सदानंदन मास्टर ने राज्यसभा में सुनाई।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए उन्होंने अपने दोनों कृत्रिम पैर मेज पर रख दिए और 31 साल पहले उनके साथ केरल में सीपीएम कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए क्रूरता को बताया। उन्होंने कहा कि 1994 में एक दिन जब वे अपनी बहन की शादी की बात फाइनल कर अपने घर लौट रहे थे, तो सीपीएम के लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर पीटा।

उनकी गलती बस इतनी थी कि वे आरएसएस से जुड़े हुए थे। उस वक्त उनके चाचा भी साथ में थे। हमलावरों ने जमीन पर गिरा कर उनके दोनों पैर काट दिए और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। उनके पैर दोबारा जोड़ना संभव नहीं था। यही वजह है कि आज उन्हें कृत्रिम पैर के सहारे चलना पड़ रहा है।

उन्होंने बोलते वक्त अपना कृत्रिम पैर मेज पर रख दिया। इस पर सीपीएम सांसद जॉन ब्रिट्टस ने आपत्ति जताई। उनका साथ कुछ विपक्षी सांसदों ने भी दिया। हालाँकि सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि उन्हें बैठकर क्यों बोलना पड़ रहा है। ये बता रहे हैं माननीय सांसद।

सांसद सदानंदन ने कहा कि सीपीएम जैसी पार्टियों की प्रतिबद्धता लोकतांत्रिक मूल्यों में नहीं बल्कि राजनीतिक हिंसा में है, लेकिन ये संसद में लोकतांत्रिक मर्यादा की बात करते हैं। राजनीतिक हिंसा किसी भी देश के लिए अच्छी नहीं है। यह लोकतंत्र को कमजोर करती है।