‘फूड जिहाद-थूक जिहाद’ जैसे शब्द NBDSA से नहीं हो पा रहे बर्दाश्त: जी न्यूज-टाइम्स नाऊ समेत कई चैनलों को दी चेतावनी, कहा- बिना सबूत के सांप्रदायिक रंग न दें

न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एवं डिजिटल स्टैंडर्ड अथॉरिटी (NBDSA) ने कई प्रमुख समाचार चैनलों को ‘जिहाद’ शब्द के अंधाधुंध प्रयोग पर चेतावनी जारी की है। अथॉरिटी के चेयरपर्सन जस्टिस एके सिकरी ने Zee News, Times Now Navbharat, News18 India और NDTV India सहित चैनलों पर पारित आदेशों में इन शब्दों के इस्तेमाल पर सख्त नजर रखने को कहा है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, वकीलों उत्कर्ष मिश्रा, इंद्रजीत घोरपड़े और मतिन मुजावर द्वारा दायर शिकायतों में आरोप लगाया गया कि इन चैनलों ने अलग-अलग आपराधिक घटनाओं को ‘फूड जिहाद’, ‘थूक जिहाद’ और ‘QR कोड जिहाद’ जैसे नाम देकर उन्हें सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि उन्होंने विभिन्न चैनलों पर कुल 465 ऐसे प्रसारण पहचाने हैं जो इन थ्योरी को बढ़ावा दे रहे थे।

शिकायतों में कहा गया कि कानपुर, संभल और अन्य जगहों की घटनाओं को रिपोर्ट करते समय चैनलों ने बिना किसी ठोस सबूत के इन घटनाओं को ‘जिहाद’ से जोड़ दिया, जो संवैधानिक नैतिकता और प्रसारण मानकों का उल्लंघन है।

Zee News के एक कार्यक्रम में कानपुर के रेस्तरां मामले को ‘फूड जिहाद’ बताया गया था। NBDSA ने कहा, “किसी व्यक्ति की एक घटना को बिना किसी विश्वसनीय सबूत के सामान्यीकृत कर ‘जिहाद’ का रूप नहीं देना चाहिए। ब्रॉडकास्टर को सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली सामग्री से बचना चाहिए।”

एक अन्य मामले में संभल हिंसा के बाद QR कोड से जकात माँगने की घटना को ‘QR कोड जिहाद’ करार दिया गया। NBDSA ने टिप्पणी की, “‘जिहाद’ शब्द का प्रयोग इतनी लापरवाही से नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके कुछ खास अर्थ और परिणाम हैं। इस शब्द का इस्तेमाल करने के लिए मजबूत कारण होने चाहिए।”

Times Now Navbharat द्वारा खाने में थूकने की घटनाओं को ‘थूक जिहाद’ कहे जाने पर भी चैनल को भविष्य में सतर्क रहने की सलाह दी गई। अथॉरिटी ने Zee उत्तर प्रदेश, Zee भारत, News18 और NDTV सहित कई चैनलों में ‘जिहाद’ शब्द के बार-बार इस्तेमाल का पैटर्न पाया।

NBDSA ने कहा कि ‘जिहाद’ शब्द के इस्तेमाल पर अलग से गाइडलाइंस जारी करने की जरूरत है। फिलहाल इन चैनलों को चेतावनी दी गई है और आपत्तिजनक हिस्सों को 7 दिनों में हटाने के निर्देश दिए गए हैं। अभी किसी पर आर्थिक पेनल्टी नहीं लगाई गई है।