लखनऊ यूनिवर्सिटी में लाल बारादरी के बाहर मुस्लिम छात्रों द्वारा नमाज पढ़ने को लेकर विवाद हो गया है। हिंदू छात्रों ने इसका विरोध किया और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें भी सुंदरकांड पढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए। हालाँकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लाल बारादरी की जर्जर हालत के चलते रेनोवेशन के काम का हवाला दे दिया।
हिंदुओं के सुरक्षा घेरे में पढ़ी गई नमाज
दरअसल, मामला रविवार (22 फरवरी 2026) को सामने आया, जब प्रशासन ने लाल बारादरी के गेट सील कर दिए। मुस्लिम छात्रों का दावा है कि इसके भीतर मस्जिद है। उन्होंने सील का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया और बैरिकेडिंग तक तोड़ डाले। इसके बाद मुस्लिम छात्रों ने विरोध जताते हुए लाल बारादरी के बाहर की नमाज अदा की।
लखनऊ यूनिवर्सिटी में नमाज पढ़ते मुस्लिम छात्रों की रक्षा के लिए ह्यूमन चेन बनें हिंदू छात्र
— SADAA Times (@SADAA_Times) February 23, 2026
लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लाल बारादरी इमारत के मुख्य दरवाजे के सामने बैरिकेडिंग लगा दी है, जिस कराण इसके अंदर स्थित मस्जिद में जाने का रास्ता बंद हो गया है. गेट बंद किए जाने पर छात्रों… pic.twitter.com/9EygG3OHSu
इस दौरान हिंदू छात्रों के एक गुट ने मानव शृंखला बनाकर नमाजियों के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया। इस दृश्य के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए।
हिंदू छात्रों ने किया विरोध
लेकिन असल बात तब सामने आई, जब कुछ अन्य हिंदू छात्रों के गुट ने रविवार शाम यूनिवर्सिटी में विरोध किया। छात्रों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि लाल बारादरी के अंदर एक छोटा मंदिर भी है, जिसमें वे सुंदरकांड पढ़ते आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोका। जबकि मुस्लिम छात्रों ने कैंपस के भीतर हंगामा करने के बाद नमाज अदा की, उनको ये इजाजत किसने दी?
ये विरोध सोमवार (23 फरवरी 2026) तक जारी रहा। हिंदू छात्रों ने नमाज का समर्थन करने वाले प्रॉक्टर के दफ्तर के बाहर विरोध दर्ज किया। छात्रों ने साफ कहा कि अगर दोबारा बारादरी के पास नमाज पढ़ी गई, तो वे उन्हें वहाँ से खदेड़ देंगे। कुछ NSUI छात्रों ने इसे ASI द्वारा संरक्षित स्थल बताते हुए निर्माण कार्य का विरोध किया और पत्थर से ताला तोड़ने की भी कोशिश की गई।
मुस्लिम छात्रों ने मस्जिद का ताला बंद करने के लिए किया प्रदर्शन
दूसरी ओर मुस्लिम छात्रों ने भी सोमवार को कैंपस में मस्जिद का ताला बंद करने को लेकर प्रदर्शन किया। एक छात्र ने बताया कि यूनिवर्सिटी के पीछे स्थित यह इमारत एक ऐतिहासिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि कल जब छात्र नमाज़ पढ़कर बाहर निकले और दोपहर की नमाज़ के लिए वापस लौटे, तो उन्होंने देखा कि गेट पूरी तरह से सील कर दिया गया है।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: A student says, "This building, located behind the university, is a historical heritage building… Yesterday, when the boys left after offering prayers and when they returned for afternoon prayers, they found the gate completely sealed. When we… https://t.co/aYtVCVfwyk pic.twitter.com/d81XSzsh5G
— ANI (@ANI) February 23, 2026
मुस्लिम छात्रों ने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला था, इसलिए प्रशासन को पहले नोटिस जारी करना चाहिए था और छात्रों को भरोसे में लेना चाहिए था। उनकी मांग है कि चूंकि यह एक विरासत इमारत है, इसलिए इसके पुनर्निर्माण और मरम्मत का काम जल्द शुरू किया जाए। साथ ही, मस्जिद पर लगाया गया ताला खोला जाए। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं और उसे लेकर रहेंगे।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का रुख
उधर, पूरे विवाद पर यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि लाल बारादरी की इमारत बहुत पुरानी और कमजोर स्थिति में है और इससे जुड़े सुरक्षा जोखिम को देखते हुए इसे सील किया गया है। प्रशासन ने कहा कि इमारत की मरम्मत और संरक्षित रखरखाव के लिए यह कदम आवश्यक था।
इसी के साथ प्रशास ने संभावित विरोध को देखते हुए पहले ही पुलिस को भी अलर्ट कर दिया था। फिलहाल कैंपस पुलिस की कड़ी सुरक्षा में है।

