महाराष्ट्र को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य का बजट 2026 पेश कर दिया है। इस बजट की सबसे बड़ी और लेटेस्ट खबर यह है कि सरकार ने किसानों के लिए 2 लाख रुपए तक की कर्ज माफी का ऐलान किया है। साथ ही, जो किसान ईमानदारी से समय पर अपना कर्ज चुका रहे हैं, उन्हें 50 हजार रुपए का इनाम (प्रोत्साहन राशि) भी दिया जाएगा। सीएम ने इस बजट को ‘विकसित महाराष्ट्र’ की बुनियाद बताया है।
किसानों और महिलाओं के लिए बड़ी सौगातें
सरकार ने महिलाओं के लिए अपनी लोकप्रिय ‘लाडकी बहिन योजना‘ को जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान में तेजी लाई जाएगी। राज्य में अब तक 37 लाख महिलाएँ लखपति बन चुकी हैं और अब सरकार ने 25 लाख और महिलाओं को इस सूची में शामिल करने का लक्ष्य रखा है।
खेती को डिजिटल और आसान बनाने की तैयारी
महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जान फूँकने के लिए कई दूरगामी योजनाओं की शुरुआत की है। ‘मुख्यमंत्री बलीराजा खेत पगडंडी सड़क योजना’ के माध्यम से अब किसानों के खेतों तक पक्की सड़कें बनाई जाएँगी, जिससे फसल की ढुलाई आसान होगी और उनका समय व खर्च बचेगा। इसके साथ ही, ‘महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती अभियान’ के जरिए रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
तकनीक के मोर्चे पर, ‘एग्री स्टैक’ योजना के तहत किसानों को एक विशेष डिजिटल पहचान दी जाएगी, ताकि तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे उनके बैंक खातों तक पहुँच सके। रोजगार के क्षेत्र में भी महाराष्ट्र को एक नया हब बनाने की तैयारी है। बजट में युवाओं के लिए नौकरियों की बौछार करते हुए गढ़चिरौली को नए ‘इस्पात केंद्र’ (Steel Hub) के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है, जहाँ 2 लाख करोड़ रुपए के निवेश से 70 हजार रोजगार पैदा होंगे।
डिजिटल भविष्य को देखते हुए मुंबई में ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी’ खुलेगा और पूरे राज्य में 295 से ज्यादा गेमिंग स्टूडियो स्थापित किए जाएँगे। इसके अलावा, हर जिले में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) केंद्र स्थापित कर लगभग 50 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
मुंबई-पुणे में भारी निवेश
मुंबई और पुणे को दुनिया के नक्शे पर और बड़ा बनाने के लिए सरकार यहाँ 50 अरब डॉलर के निवेश केंद्र विकसित करेगी। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना’ और मछुआरों के लिए ‘मत्स्य संपदा योजना’ जैसी पहल ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने का काम करेंगी।

