‘हमें ऐसे लोगों की जरूरत नहीं जो युद्ध जीतने के बाद शामिल हों’, ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने के UK के प्रस्ताव को ठुकराया: कहा- अब देर हो चुकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका को किसी अन्य देश की मदद की जरूरत नहीं है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल इस युद्ध में पहले ही जीत हासिल कर चुके हैं। यह बयान उस समय आया जब ब्रिटेन ने मिडिल ईस्ट में अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने की पेशकश की थी।

7 मार्च 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने सीधे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को संबोधित किया और कहा कि अब मदद के लिए बहुत देर हो चुकी है। ट्रंप ने लिखा, “यूनाइटेड किंगडम, जो कभी हमारा महान सहयोगी था, शायद सबसे महान सहयोगी, अब मिडिल ईस्ट में दो एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यह ठीक है प्रधानमंत्री स्टार्मर, लेकिन अब हमें उनकी जरूरत नहीं है। हम इसे याद रखेंगे। हमें उन लोगों की जरूरत नहीं है जो युद्ध जीतने के बाद शामिल होते हैं।”

ट्रंप बोले- पहले ही जीत चुके हैं अमेरिका और इजरायल

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता और नेतृत्व को गंभीर नुकसान पहुँचा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य कमांड ढांचे के कई अहम हिस्सों को कमजोर करने जैसे बड़े लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। हालाँकि इसके बावजूद क्षेत्र में सैन्य अभियान अभी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

ब्रिटेन भेजने वाला था एयरक्राफ्ट कैरियर

ट्रंप की प्रतिक्रिया उन खबरों के बाद आई जिनमें कहा गया था कि ब्रिटेन मिडिल ईस्ट में अपना एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रॉयल नेवी के कर्मचारी HMS प्रिंस ऑफ वेल्स  को इंग्लैंड के पोर्ट्समाउथ बंदरगाह पर तैनाती के लिए तैयार कर रहे थे और इसे कुछ ही दिनों में क्षेत्र में भेजा जा सकता था।

BBC की रिपोर्ट के अनुसार, जहाज के चालक दल को पाँच दिनों के भीतर रवाना होने के लिए तैयार रहने को कहा गया था। हालाँकि ट्रंप ने अपने बयान में दो एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने की बात कही, जबकि रिपोर्ट्स के अनुसार फिलहाल केवल एक जहाज की तैनाती की तैयारी हो रही थी।

गौरतलब है कि रॉयल नेवी के पास दो एयरक्राफ्ट कैरियर्स हैं, HMS प्रिंस ऑफ वेल्स और HMS क्वीन एलिजाबेथ। ट्रंप की पोस्ट में ब्रिटेन की शुरुआती हिचकिचाहट का भी संदर्भ माना जा रहा है। शुरुआत में ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों के लिए अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे।

हालाँकि बाद में ब्रिटेन ने साइप्रस और डिएगो गार्सिया जैसे ठिकानों के सीमित उपयोग की अनुमति दी थी। ब्रिटिश रक्षा अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की है कि HMS प्रिंस ऑफ वेल्स को संभावित तैनाती के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे मिडिल ईस्ट में भेजा जा सके।

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