ईरान के मिनाब में 28 फरवरी को हुए हमले को लेकर नए सबूत सामने आने के बाद यह सवाल और गहरा गया है कि इस भीषण घटना के पीछे आखिर जिम्मेदार कौन था। जाँचकर्ताओं और ओपन-सोर्स विश्लेषकों का कहना है कि इस हमले में संभवतः अमेरिका द्वारा दागी गई टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल हुआ था। इस हमले में 165 से अधिक स्कूली बच्चों की मौत हुई थी।
विवाद उस हमले को लेकर है जो ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े एक सैन्य परिसर के भीतर हुआ था। यह परिसर शजराह तय्येबेह एलिमेंट्री स्कूल के ठीक पास स्थित है। विस्फोट की वजह से स्कूल की इमारत को भारी नुकसान पहुँचा और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत हो गई। इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) और मानवाधिकार संगठनों ने तुरंत इसकी कड़ी निंदा की थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बेलिंगकैट रिसर्चर ट्रेवर बॉल ने एक विस्तृत विश्लेषण साझा किया। थ्रेड में उन्होंने ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी द्वारा प्रसारित एक ऐसा वीडियो साझा किया जो पहले सामने नहीं आया था। इस वीडियो में एक मिसाइल को IRGC परिसर के भीतर एक इमारत पर गिरते हुए देखा जा सकता है।
New video footage shows a US Tomahawk missile hitting an IRGC facility in Minab, Iran, on Feb 28, showing for the first time that the US struck the area. The footage also shows smoke already rising from the vicinity of the girls’ school, where 175 people were reportedly killed. pic.twitter.com/4jBXrNcRJO
— Trevor Ball (@Easybakeovensz) March 8, 2026
ट्रेवर बॉल के अनुसार, वीडियो में दिखाई देने वाली मिसाइल की बनावट और उड़ान का तरीका इस बात की ओर संकेत करता है कि यह अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल हो सकती है। टॉमहॉक एक लंबी दूरी तक मार करने वाली अत्यधिक सटीक मिसाइल है जिसका इस्तेमाल अमेरिका करता है।
बॉल का कहना है कि वीडियो में दिखाई देने वाले तकनीकी संकेत टॉमहॉक मिसाइल से मेल खाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष में शामिल पक्षों में केवल अमेरिका ही ऐसा देश है जो इस प्रकार की मिसाइल का इस्तेमाल करता है। उनके मुताबिक, इजरायल के पास टॉमहॉक मिसाइल होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
वीडियो की लोकेशन का पता सैटेलाइट तस्वीरों और इलाके की भौगोलिक विशेषताओं के आधार पर लगाया गया है। जाँच से पता चला है कि संभव है स्कूल पर हमला उस समय से कुछ क्षण पहले ही हो चुका था जब मिसाइल IRGC परिसर पर गिरी।
28 फरवरी का यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के सैन्य ढाँचे पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था। इस अभियान के शुरुआती घंटों में ईरान के कई शहरों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इन हमलों के दौरान सैकड़ों मिसाइलें और हवाई हमले किए गए थे।
मिनाब शहर ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित है और यह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बेहद करीब है। इसी वजह से यह शहर हमलों की पहली लहर में निशाने पर आया था। बाद में अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना बलों ने अभियान के शुरुआती चरण में टॉमहॉक मिसाइलें दागी थीं। हालाँकि, स्कूल पर हुए हमले की जिम्मेदारी को लेकर जल्द ही विवाद शुरू हो गया।
ईरान के अधिकारियों ने इस विस्फोट के लिए अमेरिका और इजरायल दोनों को जिम्मेदार ठहराया। दूसरी ओर इजरायल ने इस घटना में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी सेना जानबूझकर नागरिक ढाँचों को निशाना नहीं बनाती।
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अलग संभावना जताई। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह विस्फोट संभवतः ईरान के हथियारों के कारण भी हो सकता है। उनका दावा था कि तेहरान के कई हथियार अक्सर निशाने से भटक जाते हैं। ट्रंप ने कहा, “हमें लगता है कि यह ईरान द्वारा किया गया हो सकता है।”

