ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच भारत के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर होने के बावजूद 1.35 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा विशाल टैंकर ‘शेनलोंग स्वेजमैक्स’ (Shenlong Suezmax) सुरक्षित मुंबई बंदरगाह पहुँच गया है। 13 दिनों से जारी इस जंग के बीच रणनीतिक रूप से बेहद खतरनाक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पार कर भारत पहुँचने वाला यह पहला तेल टैंकर है।
भारतीय कप्तान की सूझबूझ और कूटनीति का असर
लाइबेरियाई झंडे वाला यह टैंकर 1 मार्च को सऊदी अरब के रास तनूरा बंदरगाह से रवाना हुआ था। इसकी कमान एक भारतीय कप्तान के हाथों में थी। जब इस पूरे समुद्री मार्ग पर यातायात लगभग ठप है, तब ईरान ने भारतीय हितों को ध्यान में रखते हुए इस जहाज को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी।
दरअसल, ईरान ने चेतावनी दी थी कि बिना इजाजत गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जाएगा, लेकिन भारत के साथ संबंधों के चलते उसने भारतीय झंडे और हितों से जुड़े जहाजों को रास्ता देने का फैसला किया है।
दुनिया के सबसे अहम रास्ते पर ईरान का पहरा
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वह संकरा रास्ता है जहाँ से वैश्विक तेल खपत का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ईरान की सेना (IRGC) ने इस मार्ग पर कड़ी निगरानी लगा रखी है और बुधवार को ही चेतावनी नजरअंदाज करने वाले दो जहाजों पर हमला भी किया था। ऐसे में भारत तक तेल की इस खेप का पहुँचना घरेलू बाजार और आम जनता के बजट के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

