‘CPI(M) मेरे तन को मार सकता है, राष्ट्र के लिए समर्पित मन को नहीं’ : दिल्ली कार्यक्रम में बोले राज्यसभा सांसद सी सदानंदन मास्टर, कहा- वामपंथी गुंडों की क्रूरता का शिकार होती हैं राष्ट्रवादी महिलाएँ

दिल्ली के शंकरलाल ऑडिटोरियम में आयोजित ‘भारतीय संविधान की बेटियाँ: विकसित भारत @ 2047 की ओर सशक्तिकरण के 75 वर्ष’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुक्रवार (20 मार्च 2026) को समापन हो गया।

इस संगोष्ठी में महिला सशक्तिकरण, संवैधानिक मूल्यों और विकसित भारत की परिकल्पना में महिलाओं की भूमिका पर विचार विमर्श किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सी सदानंदन मास्टर रहे, जिन्होंने वामपंथी हिंसा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “CPI(M) मेरे तन को मार सकता है, किंतु राष्ट्र के लिए समर्पित मेरे मन को नहीं।”

उन्होंने बताया कि केरल में वामपंथी गुंडों की क्रूरता का सबसे अधिक सामना राष्ट्रवादी महिलाओं को करना पड़ता है। उनके अनुसार, कई महिलाओं को केवल इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य कर रहे लोगों का समर्थन करती हैं।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गंभीर हमलों के बावजूद उनका राष्ट्र के प्रति समर्पण और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएँ शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनती हैं, तब परिवार, समाज और देश मजबूत होता है और यही विकसित भारत की आधारशिला है।