मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच खुद को ‘बड़ा खिलाड़ी’ दिखाने की पाकिस्तान की कोशिश औंधे मुँह गिरी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का राग अलापा था, जिसे ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है।
ईरान ने साफ कहा कि पाकिस्तान जो भी मंच सजा रहा है, वह उसका अपना मामला है, ईरान का उससे कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान की इस फजीहत पर इजरायल ने भी तंज कसा है।
इजरायली विदेश मंत्रालय की विशेष दूत फ्लूर हसन-नहूम ने कहा कि पाकिस्तान खुद जिहादी आतंकवादी है, वह क्या खाक मध्यस्थता करेगा। उन्होंने पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि वे बस खुद को ‘प्रासंगिक’ बनाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, इजरायल ने भारत की जमकर तारीफ की है। नहूम ने कहा कि भारत सभी का भरोसेमंद दोस्त है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत, पाकिस्तान की तुलना में कहीं बेहतर और सफल मध्यस्थ साबित होता।

