उत्तर प्रदेश में नोएडा में मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को लगातार दूसरे दिन मजदूरों ने सड़कों पर उतरकर बवाल किया है। मंगलवार को फैक्ट्री कर्मचारी कुछ जगहों पर सड़कों पर उतर आए और जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बवाल हो गया। ये श्रमिक वेतन में वृद्धि जैसी कई माँगों को लेकर सड़कों पर हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रमिकों के बवाल के बाद पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान इंडस्ट्रियल इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं। इस बीच मंगलवार को ज्यादातर कंपनियाँ बंद हैं और CCTV और ड्रोन से मॉनिटरिंग की जा रही है। सोमवार को श्रमिकों के बवाल के बाद पुलिस ने 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और इस मामले में 7 FIR दर्ज की गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सोमवार को करीब 42000 कर्मी सड़कों पर उतरे और 80 अलग-अलग जगहों पर उपद्रव किया। इस दौरान फेस-2 इलाके की एक फैक्ट्री के बाहर शुरू हुई आगजनी सेक्टर-67, 63 में भी फैल गई। साथ ही, मदरसन में भी 3-4 गाड़ियों को आग लगा दी गई। दावा किया जा रहा है कि इस पूरे प्रदर्शन के दौरान 100 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई है। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और मीडियाकर्मियों के साथ भी बदसलूकी की।
उपद्रव के दौरान 10 पुलिसकर्मियों सहित कुल 30 लोग घायल हुए। औद्योगिक इकाइयों और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है, जिसकी भरपाई का अनुमान करीब 3000 करोड़ रुपए लगाया गया है। पुलिस ने अब तक 300 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि वीडियो और तस्वीरों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। कई व्हाट्सएप ग्रुप्स की भी जाँच की जा रही है।
वहीं, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अफवाह फैलाने वाले कई ग्रुप्स की पहचान की गई है। करीब 50 X (ट्विटर) हैंडल के जरिए लोगों को हिंसा के लिए उकसाया गया। पुलिस के मुताबिक, इन हैंडल्स के जरिए QR कोड भेजकर लोगों को ग्रुप में जोड़ा जा रहा था और ‘सड़कों पर आओ, पुलिस को पीटो’ जैसे मैसेज फैलाए जा रहे थे।
पुलिस का कहना है कि एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हैंडल भी जाँच में सामने आया है। ये सभी हैंडल पिछले 24 घंटों में बनाए गए और इनका इस्तेमाल भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए किया गया। पुलिस का कहना है कि यह पूरी साजिश सुनियोजित लगती है जिसमें मजदूरों से जुड़े मुद्दे को आधार बनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। इस बीच डीजीपी राजीव कृष्ण ने साफ कहा कि हिंसा और आगजनी में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही नुकसान की भरपाई भी उपद्रवियों से ही कराई जाएगी।

