ब्रिटेन के कैर्नारफॉन क्राउन कोर्ट में एक रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की सुनवाई हो रही है, जहाँ पाकिस्तानी और पंजाबी मूल के पुरुषों वाले एक ‘ग्रूमिंग गैंग’ पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का आरोप लगा है।
साल 2022 की इस घटना में 14 से 16 साल की तीन लड़कियों को गिरोह ने अपना शिकार बनाया। ताजा सुनवाई के दौरान एक 15 साल की पीड़िता ने पुलिस इंटरव्यू में बताया कि कैसे इन आरोपितों ने उसे ‘यौन वस्तु’ (prostitute) समझा और नशीले पदार्थों का लालच देकर उसका बार-बार शोषण किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुख्य आरोपित मुस्तफा इकबाल ने पीड़िता को तब अपने जाल में फँसाया जब वह नशे की हालत में थी। उसे अपने घर बुलाकर न केवल ड्रग्स दिए गए, बल्कि उसके साथ बलात्कार भी किया गया। पीड़िता ने बताया कि जियाउल्लाह बादशाह नामक आरोपित ने उसके साथ ‘वेश्या’ जैसा बर्ताव किया।
गिरोह के अन्य सदस्य जसविंदर सिंह पर आरोप है कि उसने लड़की को फर्जी पासपोर्ट दिलाने के बहाने लंदन ले जाकर शोषण किया। इस मामले में सारा ग्रे नाम की महिला पर भी बलात्कार के सबूत मिटाने और अपराधियों की मदद करने का आरोप है। फिलहाल मुस्तफा इकबाल, मोहम्मद उस्मान अरशद और अन्य आरोपी इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं, जबकि अदालत में मामले की गहन सुनवाई जारी है।

