गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय हिंदू युवक सूर्या प्रताप चौहान की हत्या के बाद पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इलाके में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस गली-गली जाकर करीब 1600 चिन्हित अपराधियों का सत्यापन कर रही है, जबकि बिना वैध दस्तावेजों के संचालित पाए गए तीन मदरसों को सील कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ और जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ खुद मौके पर पहुँचकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
#WATCH | Ghaziabad, UP: Ghaziabad District Magistrate Ravindra Kumar Mandar says, “The Police Commissioner and I visited the Khoda area today. In light of the prevailing sensitivity within this entire area, various verification drives and the ‘Clean Sweep’ operation are currently… https://t.co/3l1LnDbBqQ pic.twitter.com/hs8hCGX1E6
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 2, 2026
1600 अपराधियों का सत्यापन, दस्तावेज नहीं मिले तो 3 मदरसे किए गए सील
सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चिन्हित अपराधी वर्तमान में कहाँ रह रहे हैं और उनके पास किसी प्रकार की अवैध संपत्ति तो नहीं है। खोड़ा और लोनी क्षेत्र में चार एसीपी के नेतृत्व में टीमें लगातार तलाशी और सत्यापन अभियान चला रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अपराधी की सक्रियता सामने आने पर उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने अभियान के दौरान ऐसे संस्थानों की भी जाँच की, जिनके दस्तावेज संदिग्ध पाए गए।
जाँच में आवश्यक पंजीकरण और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर मदरसा रहमानिया, मदरसा सुलताना अल-अरफीन और मदरसा तालीमत उलूम को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
पीड़ित परिवार से मिले अधिकारी, ऑपरेशन क्लीन स्वीप जारी
डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ और पुलिस कमिश्नर ने सूर्या चौहान के परिवार से मुलाकात कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। प्रशासन पहले ही परिवार को पाँच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दे चुका है और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
वहीं मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर और कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। प्रशासन का कहना है कि ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि 28 मई को खोड़ा के नवनीत विहार में रहने वाले सूर्या प्रताप चौहान को फोन कर एक स्थान पर बुलाया गया। वहाँ पहले से मौजूद असद, उसका अब्बू नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक और उसके अन्य साथियों ने उसे घेर लिया और आरोपितों ने सूर्या पर चाकुओं से कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल सूर्या को तुरंत नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

