पादरी ने कलावा काटा और कहा- ‘अब मत करना पूजा’: मजदूर बन रिपोर्टर ने किया धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश, कैमरे में दर्ज मिशनरियों के ब्रेनवॉश का खेल

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में धोखे से धर्मांतरण के एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया है कि यहाँ गरीब, बीमार और लाचार लोगों को चमत्कार का लालच देकर ईसाई बनाया जा रहा है। भारत-नेपाल बॉर्डर के पास बिना किसी बोर्ड या पहचान के ये गुप्त चर्च चलाए जा रहे हैं।

रिपोर्टर ने 20 दिन मजदूर बनकर खोला राज

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बड़े नेटवर्क को पकड़ने के लिए रिपोर्टर मजदूर बन गया। उसने लखीमपुर के एक गाँव में 20 दिनों तक खेतों में काम किया। उसने खुद को गरीब और बीमार बताया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसका संपर्क पादरी विजय से करवाया। पास्टर विजय मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है। वह काफी समय से यहाँ सीक्रेट चर्च चला रहा है।

गुप्त चर्च में बुलाया, सरकारी टीचर भी शामिल

रविवार (31 मई) को रिपोर्टर को एक गुप्त चर्च में ले जाया गया। वहाँ पादरी विजय और उसके साथियों ने रिपोर्टर का ब्रेनवॉश करना शुरू किया। वहाँ एक सरकारी टीचर और उसकी पत्नी भी मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि यीशु की शरण में आने से उनकी सब परेशानियाँ दूर हो गईं। उन्होंने रिपोर्टर को रोज वहाँ आने को कहा।

ब्लेड से काटा कलावा, गंगाजल छोड़ने को कहा

स्टिंग ऑपरेशन के दौरान पादरी ने रिपोर्टर के हाथ में बंधा कलावा देख लिया। पादरी ने कहा कि कलावा, ताबीज, गंगाजल और पूजा-पाठ जैसी चीजें प्रार्थना का असर रोकती हैं। इसके बाद रिपोर्टर की कलाई से कलावा ब्लेड से काट दिया गया। उन्हें हिंदू देवी-देवताओं की पूजा छोड़ने की सलाह दी गई।

गाँव-गाँव में फैला है यह नेटवर्क

जाँच में पता चला है कि इस नेटवर्क के लोग हर गाँव में छिपे हैं। ये ऐसे लोगों को ढूँढते हैं जो बहुत गरीब या बीमार हैं। जैसे ही कोई ऐसा परिवार मिलता है, उसकी जानकारी तुरंत पादरी तक पहुँचा दी जाती है। फिर मदद के बहाने उनका धर्म बदलने की कोशिश की जाती है।