₹6000 की नौकरी से शुरू हुआ सफर, इंजीनियर के लॉकर से निकले ₹2 करोड़: 1.25kg सोना, 14 प्लॉट और 5 आलीशान बंगलों का खुलासा

ओडिशा में एक सरकारी इंजीनियर के ठिकानों पर हुई छापेमारी ने सबको हैरान कर दिया। महज 6 हजार रुपए मासिक वेतन से सरकारी सेवा शुरू करने वाले सहायक कार्यपालक अभियंता बैकुंठनाथ बेहरा के बैंक लॉकरों से 2 करोड़ रुपए नकद, 1.25 किलो से अधिक सोना और करोड़ों रुपए की अचल संपत्तियाँ बरामद हुई हैं।

विजिलेंस विभाग की जाँच में अब तक 1.255 किलो सोना, 2 करोड़ नकदी, 14 प्लॉट और कई आलीशान मकान का पता चला है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में चल रही यह कार्रवाई ओडिशा की हालिया सबसे बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी जाँचों में से एक मानी जा रही है।

इंजीनियर के पास 6 आलीशान बंगले और 14 प्लॉट

विजिलेंस विभाग की छापेमारी के दौरान बैकुंठनाथ बेहरा के नाम पर पाँच बहुमंजिला इमारतों का पता चला। इनमें भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार में चार मंजिला भवन, शैलश्री विहार में तीन मंजिला मकान, पटिया और चंद्रशेखरपुर क्षेत्र में दो-दो मंजिला मकान शामिल हैं।

इसके अलावा जाजपुर के धर्मशाला क्षेत्र में भी उनका एक दो मंजिला मकान मिला है। इन सभी इमारतों का कुल निर्मित क्षेत्रफल करीब 17,000 वर्ग फुट से अधिक बताया जा रहा है।

जाँच में यह भी सामने आया कि बेहरा के पास कुल 14 प्लॉट हैं। इनमें से आठ भुवनेश्वर, पाँच जाजपुर और एक मयूरभंज जिले के बारिपदा में स्थित है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, संपत्तियों का मूल्यांकन अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

बैंक लॉकरों में नकदी और सोने का जखीरा

विजिलेंस विभाग ने भुवनेश्वर, जाजपुर, मयूरभंज और कंधमाल स्थित बेहरा के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जाँच के दौरान विभिन्न बैंक लॉकरों से 2 करोड़ रुपए नकद बरामद किए, जबकि पटिया स्थित आवास से 2 लाख रुपए नकद मिले। इसके अलावा करीब 45 लाख रुपए की जमा राशि और 1.25 किलोग्राम से अधिक सोने के आभूषण भी बरामद किए गए हैं।

बेहरा ने अगस्त 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका मासिक वेतन मात्र 6,000 रुपए था। लेकिन जाँच में सामने आई संपत्तियों और नकदी ने अधिकारियों को हैरान कर दिया है। विजिलेंस विभाग ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और छापेमारी के दौरान मिले अन्य बैंक लॉकरों तथा संपत्तियों की जाँच जारी है।