ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार (22 जून 2026) को अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी है। लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और आंतरिक कलह के बीच स्टार्मर को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। डाउनिंग स्ट्रीट से जारी एक भावुक बयान में उन्होंने कहा कि उन्होंने किंग चार्ल्स को अपने फैसले की जानकारी दे दी है, लेकिन नया उत्तराधिकारी चुने जाने तक वह प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारियाँ संभालते रहेंगे।
स्टार्मर का यह इस्तीफा पिछले कई हफ्तों से चल रही राजनीतिक अटकलों के बाद आया है। हाल के दिनों में सरकार को कई राजनीतिक झटके लगे, जिससे जनता के बीच उनकी लोकप्रियता तेजी से घटी। इसके साथ ही लेबर पार्टी के भीतर से ही नेतृत्व परिवर्तन की माँग लगातार तेज हो रही थी, जिसने स्टार्मर को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।
डाउनिंग स्ट्रीट से दिए अपने इस्तीफे के बयान में कीर स्टार्मर ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “मैंने किंग (राजा) को अपने इस फैसले की जानकारी दे दी है। पार्टी के भीतर चल रहे घटनाक्रम को देखते हुए मेरा पद छोड़ना ही उचित है। हालाँकि देश में प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के लिए मैं तब तक अपने पद पर बना रहूँगा, जब तक कि मेरे उत्तराधिकारी का चुनाव नहीं कर लिया जाता।”
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— Keir Starmer (@Keir_Starmer) June 22, 2026
गौरतलब है कि जुलाई 2024 में कीर स्टार्मर के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, जिसने ब्रिटेन में कंजर्वेटिव पार्टी के 14 साल के शासन को खत्म किया था। शुरुआती दिनों में स्टार्मर सरकार को जनता का भारी समर्थन मिला, लेकिन जल्द ही देश की अर्थव्यवस्था, चरमराती सार्वजनिक सेवाओं और पार्टी के अंदरूनी मतभेदों ने उनके सामने बड़ी चुनौतियाँ खड़ी कर दीं।
ब्रिटेन के 58वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालते हुए 61 वर्षीय स्टार्मर ने देश में बड़े बदलाव और नतीजों को धरातल पर लाने का वादा किया था। अपने पहले ऐतिहासिक भाषण में उन्होंने अपने पूर्ववर्ती ऋषि सुनक की जमकर तारीफ की थी और सुनक के समर्पण व कड़ी मेहनत को सराहा था। हालाँकि उनका यह कार्यकाल भी हाल के वर्षों में ब्रिटेन के अन्य प्रधानमंत्रियों की तरह बेहद छोटा और उथल-पुथल भरा साबित हुआ।

