वेनेजुएला में बुधवार (24 जून 2026) शाम आए दो बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 13 किलोमीटर आँकी गई और उसके महज 40 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। भूकंप से मौत का अनुमानित आँकड़ा 10 हजार से 1 लाख का बताया जा रहा है, हालाँकि अभी आधिकारिक आँकड़ा जारी नहीं किया गया है।
A staggering 100,000 people are presumed dead after one of the deadliest earthquakes of the century struck Caracas, the capital of Venezuela, Wednesday. https://t.co/cyNd1Kyky9 pic.twitter.com/Lbs2aNk5sH
— California Post (@californiapost) June 25, 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों भूकंपों का केंद्र देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में कैराबोबो राज्य के पास था, जबकि राजधानी कराकास से यह इलाका करीब 160 से 170 किलोमीटर दूर होने के चलते यहाँ भी असर पड़ा। भूकंप के तेज झटकों से राजधानी कराकास में कई इमारतों को नुकसान पहुँचा और कुछ भवन ढह गए।
सामने आए कुछ वीडियोज में भूकंप के झटकों से घबराकर लोग घरों, दफ्तरों और ऊँची इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। कई इलाकों में धूल के गुबार दिखाई दिए और बचाव दल तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
VIDEO | Back-to-back powerful earthquakes struck off the coast of Venezuela collapsing buildings and sending panicked residents into the streets.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 25, 2026
The 7.2 and 7.5 magnitude earthquakes roiled the region, with buildings evacuated in cities as far away as Brazil's Amazon about… pic.twitter.com/n3shRn5E6c
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकाल (इमरजेंसी) की घोषणा कर दी है। कराकास के पास स्थित सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुँचने के बाद बंद कर दिया गया, जबकि मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ भी रोक दी गई हैं। सरकार ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और संभावित आफ्टरशॉक्स को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।
भूकंप के बाद कैरेबियाई क्षेत्र के कई हिस्सों के लिए सुनामी अलर्ट और एडवाइजरी जारी की गई। प्यूर्टो रिको, वर्जिन आइलैंड्स, अरूबा, बोनेयर और कुरासाओ जैसे क्षेत्रों को संभावित समुद्री लहरों को लेकर चेतावनी दी गई। हालांकि कई स्थानों पर बाद में खतरे का स्तर कम किया गया।

